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पानी विवाद पर बढ़ी सियासत: भगवंत मान के 1.44 लाख करोड़ दावे पर सुरेश रावत का पलटवार

Sat, 21 Mar 2026 07:13 PM IST
Chandra Prakash Neeraj Video Desk Amar Ujala Dot Com

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद राजस्थान से एक लाख चवालीस हजार करोड़ रुपये की रॉयल्टी मांगने के मुद्दे पर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने सवाल उठाते हुए कहा कि भगवंत मान ने यह बयान किस आधार पर और किसके दबाव में दिया है, यह वही बेहतर जानते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थान पर किसी प्रकार की कोई राशि बकाया नहीं है। सुरेश रावत ने कहा कि दो राज्यों के बीच पानी को लेकर होने वाले समझौते प्रोजेक्ट कॉस्ट शेयरिंग के आधार पर होते हैं, न कि पानी की रॉयल्टी के आधार पर। उन्होंने यह भी कहा कि देश में अब तक इस प्रकार का कोई समझौता नहीं हुआ है, जिसमें पानी की रॉयल्टी की मांग की गई हो। उनके अनुसार यह दावा स्थापित परंपराओं और समझौतों के अनुरूप नहीं है।सीएम मान ने तीखे शब्दों में कहा, चोरी पकड़े जाने पर पहले हर कोई विरोध करता है। चोरी करने के बाद चोर कभी नहीं कहता कि उसने चोरी की है, मगर बाद में मान जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब अपने हक के लिए कोर्ट में केस लड़ेगा और राजस्थान जो भी कहना चाहता है, वह कोर्ट में कहे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछले दिनों राजस्थान सरकार पर पानी की एवज में 1.44 लाख करोड़ रुपये बकाया होने का दावा किया था। उनका कहना था कि यह बकाया वसूला जाएगा या फिर राजस्थान पानी लेना बंद कर दे। सीएम के मुताबिक, पिछली सरकारों ने 1960 के नए सिंधु जलसंधि समझौते में पैसे का जिक्र नहीं किया और 1920 के समझौते को रद्द भी नहीं किया। राजस्थान पानी तो 1920 के समझौते के मुताबिक ले रहा, लेकिन बकाया मांगने पर 1960 के समझौते का सहारा ले लेता है। पंजाब सरकार बकाया लेने के लिए 1920 के समझौते की समीक्षा चाहती है।
 

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