अंतरराष्ट्रीय तनाव और गैस आपूर्ति में आई बाधा का असर अब ट्राइसिटी के छोटे कारोबार पर साफ दिखने लगा है। कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत के कारण चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में रेहड़ी-फड़ी, फास्ट फूड स्टॉल और छोटे रेस्टोरेंट चलाने वाले कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालात यह हैं कि ट्राइसिटी में एक हजार से अधिक छोटी दुकानें और फास्ट फूड स्टॉल बंद हो चुके हैं, जबकि सैकड़ों दुकानदार सीमित संसाधनों के सहारे किसी तरह काम चला रहे हैं। गैस की कमी ने हजारों छोटे कारोबारियों की रोजी-रोटी पर सीधा असर डाला है। सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा है जो रेहड़ी-फड़ी या छोटे ढाबों के जरिए परिवार का पालन-पोषण करते हैं। कारोबारियों का कहना है कि इस स्थिति में न तो पूरा मेन्यू तैयार हो पा रहा है और न ही ग्राहकों की मांग पूरी की जा रही है।