फेज-3बी2 मार्केट जो दिनभर अपनी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जानी जाती है, रात ढलते ही एक अनियंत्रित और असुरक्षित अड्डे में तब्दील हो जाती है। यह इलाका रातभर इतना गुलजार रहता है कि इसे देखकर यकीन नहीं होता कि यहां कभी सूरज ढलता भी है। रात के सन्नाटे में यह मार्केट गेड़ियां मारने वाले मनचलों और असामाजिक तत्वों का केंद्र बन जाता है। हां जी किधर? आइए आपको कहीं ड्रॉप कर देते हैं, कहां जाना है? यह सब यहां शुरू हो जाता है। देखिए ग्राउंड रिपोर्ट