2025 के बाढ़ से प्रभावित गांवों के किसान अभी अपने पैरों पर खड़े भी नहीं हो पाए थे कि अब इस वर्ष मानसून की पहली तेज बारिश ने ही क्षेत्र में हालात बिगाड़ दिए हैं। पिछले साल धुसी बांध टूटने से आई तबाही ने पूरे अजनाला क्षेत्र को प्रभावित कर दिया था और अब एक बार फिर वैसी ही परिस्थितियां बनती नजर आ रही हैं। विधानसभा अजनाला की बात करें तो पहली बारिश से ही गांव गग्गोमाहल, दयाल भट्टी, अनायतपुरा, हरड़, नानकपुरा, अंब कोटली और गुज्जरपुरा की फसलें पानी में डूब गई हैं। पहले ही बाढ़ की मार झेल चुके अजनाला क्षेत्र के लोगों की स्थिति एक बार फिर चिंताजनक बन गई है। इस संदर्भ में कांग्रेसी नेता सुख औजला ने आप के मुख्य प्रवक्ता और हलका विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल से अपील की कि वे स्वयं मौके पर पहुंचकर लोगों की परेशानियां देखें। उनका कहना था कि यदि समय रहते निकासी और राहत संबंधी कार्य किए गए होते तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। औजला ने कहा कि खेत समुद्र का रूप ले चुके हैं और लोग लगातार इस समस्या का समाधान तलाश रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि बाढ़ प्रबंधन टीमें जल्द से जल्द नदी किनारों का निरीक्षण करें, क्योंकि रेत निकालने के लिए कई स्थानों पर किनारों को नुकसान पहुंचाया गया है और अब वे पानी के तेज बहाव को रोक पाने में सक्षम नहीं हैं।