328 पावन स्वरूपों से जुड़े मामले में जांच तेज हो गई है। अमृतसर पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक बार फिर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और इसी क्रम में लगातार कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। एसजीपीसी के लीगल एडवाइजर अमनबीर सिंह सियाली ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सोमवार को भी कई सदस्यों और कर्मचारियों के बयान दर्ज हुए थे, जबकि मंगलवार को 5–7 कर्मचारियों के बयान कलमबंद किए गए। इसके अलावा ट्रस्टी सुखदेव सिंह भोर के बयान भी दर्ज किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कर्मचारी अपनी मर्जी से जांच में सहयोग कर रहे हैं और किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जा रहा। लीगल एडवाइजर ने कहा कि एसजीपीसी ने अपने स्तर पर नियमों के अनुसार जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई पहले ही की है। 29 जनवरी को चंडीगढ़ में जांच एजेंसी को पूरा रिकॉर्ड सौंपा जा चुका है। उन्होंने इस मामले को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों से जुड़ा कोई भी विषय सिख संगत के लिए बेहद संवेदनशील है। उन्होंने अफवाहों से बचने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की।