घल्लूघारा दिवस के अवसर पर दल खालसा द्वारा दिए गए अमृतसर बंद के आह्वान का शहर में व्यापक असर देखने को मिला। शहर के अधिकांश बाजार बंद रहे और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम गतिविधियां नजर आईं। दल खालसा के कार्यकर्ताओं ने हाल गेट बाजार में मार्च निकालकर व्यापारियों से बंद का समर्थन करने की अपील की, हालांकि अधिकांश दुकानें पहले से ही बंद थीं। दल खालसा के युवा नेता परमजीत सिंह ने कहा कि वर्ष 1984 की घटनाओं के जख्म आज भी सिख समुदाय के दिलों में ताजा हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 5 जून को मार्च और 6 जून को बंद रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है। उन्होंने दावा किया कि व्यापारियों और शहरवासियों ने बंद को पूरा सहयोग दिया। साथ ही मेडिकल स्टोर, अस्पताल और अन्य आपातकालीन सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। शहर के विभिन्न हिस्सों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी गई। एडीसीपी विशालजीत सिंह ने बताया कि बंद के मद्देनजर पहले से ही सुरक्षा प्रबंध मजबूत कर दिए गए थे। पूरे दिन कानून-व्यवस्था की स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में रही तथा किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।