1984 के दौर और मानवाधिकार कार्यकर्ता शहीद भाई जसवंत सिंह खालड़ा के संघर्ष पर आधारित फिल्म 'सतलुज' पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के निर्देश पर शुक्रवार सुबह 9:30 बजे श्री अकाल तख्त परिसर स्थित एसजीपीसी कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक विशाल रोष मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर फिल्म से प्रतिबंध तत्काल हटाने की मांग की जाएगी। एसजीपीसी के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने कहा कि फिल्म में वर्ष 1984 और उसके बाद के दौर में निर्दोष सिखों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर हुए कथित अत्याचारों तथा शहीद भाई जसवंत सिंह खालड़ा द्वारा लापता लोगों और अज्ञात शवों से जुड़े मामलों को उजागर करने के संघर्ष को दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्म पर प्रतिबंध लगाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और इतिहास को सामने लाने के प्रयासों पर रोक लगाने जैसा है। उन्होंने फिल्म से जुड़े कलाकार दिलजीत दोसांझ की भी सराहना करते हुए कहा कि यदि सरकार ने प्रतिबंध नहीं हटाया तो सिख संगतें अपने स्तर पर गांवों, स्कूलों और गुरुद्वारों में स्क्रीन लगाकर फिल्म लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगी। साथ ही 14 जुलाई को हरिके पत्तन में आयोजित शहीदों की आत्मिक शांति के लिए होने वाले अरदास समागम में बड़ी संख्या में संगत से पहुंचने की अपील की गई। एसजीपीसी ने 15 से 17 जुलाई तक अमर शहीद जत्थेदार तेजा सिंह समुंदरी की 100वीं शताब्दी श्रद्धापूर्वक मनाने की भी घोषणा की।