शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने सचखंड श्री हजूर साहिब बोर्ड के प्रबंधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे सिख कौम की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि पुराने ट्रस्ट को बहाल करने और एक साल के भीतर चुनाव करवाने के आदेश से सिख समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। एडवोकेट धामी ने कहा कि सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों की नई नियुक्तियां की जा रही थीं। इस संबंध में संशोधन की प्रक्रिया शुरू होने पर एसजीपीसी का प्रतिनिधिमंडल भी हजूर साहिब गया था। उन्होंने कहा कि सरकार बोर्ड को नया स्वरूप देने का प्रयास कर रही थी। प्रस्तावित व्यवस्था में 12 सदस्यों को नामित करने और केवल तीन सदस्यों के चुनाव का प्रावधान था। इससे सिख समुदाय को आशंका थी कि बोर्ड का स्वरूप सामान्य सरकारी बोर्डों जैसा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के सिख समुदाय और एसजीपीसी ने पांच प्यारों के नेतृत्व में इस मामले में जोरदार ढंग से आवाज उठाई और संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाई। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पुराने बोर्ड की बहाली होने पर सिख जगत में संतोष है। धामी ने अरदास की कि निर्धारित समय के भीतर पारदर्शी तरीके से चुनाव करवाए जाएं और हजूर साहिब का प्रबंधन गुरमत सिद्धांतों, सिख मर्यादा और संगत की भावनाओं के अनुरूप चलाया जाए।