अमृतसर के शहीदां साहिब के नजदीक करोड़ी चौक इलाके में बंद गली में गेट लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हवाई फायरिंग तक पहुंच गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार विवाद एक करीब 100 साल पुरानी बंद दीवार को लेकर शुरू हुआ। एक पक्ष के परिवारिक सदस्यों का आरोप है कि सामने वाले पक्ष ने हाल ही में मकान खरीदा और बंद दीवार तोड़कर गली की तरफ दरवाजा निकालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उन्होंने शांतिपूर्वक इसका विरोध करते हुए कहा था कि यदि दरवाजा निकालना है तो वह अपने निजी हिस्से की ओर से निकाला जाए, न कि साझा रास्ते की तरफ। परिवार का दावा है कि कुछ दिन पहले भी दीवार तोड़ने का प्रयास किया गया था, जिसे रोक दिया गया। इसके बाद दूसरे पक्ष की ओर से कुछ लोगों और निहंग सिंहों को बुलाया गया और दोबारा दीवार तोड़ने की कोशिश की गई। इसी दौरान दोनों पक्षों में बहसबाजी और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। परिवार के मुताबिक करीब 14-15 लोग किरपानों के साथ मौके पर पहुंचे और एक व्यक्ति को घेरने की कोशिश की गई। खुद को घिरता देख उसने आत्मरक्षा में हवा में फायर कर लोगों को दूर रहने की चेतावनी दी। उनका कहना है कि किसी को निशाना बनाकर गोली नहीं चलाई गई और न ही कोई घायल हुआ है। वहीं दूसरे पक्ष से जुड़े एक युवक ने कहा कि मामले को बातचीत से सुलझाया जा सकता था, लेकिन विवाद लगातार बढ़ता गया। उसने बताया कि कुछ दिन पहले नगर निगम अधिकारियों ने भी मौके का दौरा कर दीवार न तोड़ने के निर्देश दिए थे। युवक के अनुसार बाद में बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे तनाव बढ़ गया। उसने दावा किया कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। उधर थाना बी डिवीजन के एसएचओ बलजिंदर सिंह औलख ने बताया कि पुलिस को फायरिंग की सूचना मिली थी, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। एसएचओ ने कहा कि फायरिंग किन परिस्थितियों में की गई और विवाद की असली वजह क्या थी, इसकी जांच के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।