शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने श्री अकाल तख्त साहिब की सरपरस्ती में नानकशाही संवत 558 का कैलेंडर जारी कर सिख कौम को नए साल की सौगात दी। इस मौके पर श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज और एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी विशेष रूप से उपस्थित रहे। जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने संगत को बधाई देते हुए कहा कि गुरु नानक देव ने निरमल पंथ की शुरुआत की और गुरु गोबिंद सिंह ने उसे पूर्णता प्रदान की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष का कैलेंडर भक्त रविदास के 650वें प्रकाश पर्व, कीरतपुर साहिब की 400वीं स्थापना शताब्दी और अमृतसर के 450वें स्थापना दिवस को समर्पित किया गया है। उन्होंने संगत से अपील की कि 14 मार्च से शुरू होने वाले नानकशाही नए साल को गुरुद्वारों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर मनाया जाए और इसी कैलेंडर के अनुसार धार्मिक दिवस मनाए जाएं। इस अवसर पर एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि नानकशाही कैलेंडर ने सिख कौम की अलग पहचान को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि पहले कई त्योहार दूसरे धर्मों के प्रभाव में मनाए जाते थे, लेकिन अब नई पीढ़ी ‘बंदी छोड़ दिवस’ और ‘खालसा दरबार’ जैसे ऐतिहासिक दिवसों के प्रति जागरूक हो रही है। धामी ने बताया कि धर्म प्रचार कमेटी की ओर से संगत तक यह कैलेंडर और जंत्रियां बड़े स्तर पर पहुंचाई जाएंगी।