शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने बॉर्डर क्षेत्रों को आर्थिक विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि माजहा क्षेत्र—अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर—को केवल सुरक्षा के नजरिए से नहीं, बल्कि देश की आर्थिक रीढ़ के रूप में देखा जाना चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान मान ने कहा कि 1965 और 1971 की लड़ाइयों के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक तनाव झेलता रहा, लेकिन अब इसे विकास के अवसर में बदला जा सकता है। उन्होंने TAPI गैस पाइपलाइन परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि यदि गैस का लाभ माजहा क्षेत्र को दिया जाए, तो यहां औद्योगिक विकास को गति मिल सकती है। उन्होंने मांग की कि फाजिल्का से आने वाली गैस लाइन को अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर और पठानकोट तक बढ़ाया जाए, जिससे उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि बॉर्डर इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से स्थिरता भी आएगी। मान ने ऐलान किया कि 28 मार्च को अटारी-वाघा बॉर्डर पर “बॉर्डर खोलो रैली” आयोजित की जाएगी। उन्होंने लोगों से इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।