मीडिया में छाने के बाद बागेश्वर धाम सरकार प्रमुख के रूप में लोकप्रिय धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नाम की खूब चर्चा हो रही है। इन चर्चाओं के बीच अब कुछ आलोचक भी सामने आए हैं जो बाबा धीरेंद्र शास्त्री के चमत्कार करने के दावे पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ लोगों ने जहां बाबा को चुनौती दे दी तो कुछ लोगों ने इसे पाखंड बताया। लेकिन, अब इस मामले में सियासत भी जमकर देखने को मिल रही है। धीरेंद्र शास्त्री का दरबार को लेकर अब सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कई नेताओं ने जहां तारीफ की तो कइयों ने ढोंग और झूठा करार दिया। इसके अलावा कई धर्मगुरुओं ने भी धीरेंद्र शास्त्री पर सवाल उठाए हैं तो कईयों ने उनके समर्थन में भी बयान दिया है। संत-महंत और सन्यासी, धर्मगुरू यहां तक की शंकराचार्य भी इस विवाद कूदते जा रहे हैं। वहीं, उन्हें लेकर संत समुदाय भी साफ बंटा नजर आ रहा है। बड़े-बड़े शंकराचार्य तक इस मामले में दो फाड़ नजर आ रहे हैं। एक तरफ जहां अयोध्या का संत-समाज उनके समर्थन में खड़ा है। वहीं, दूसरी तरफ ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और वृंदावन के प्रेमानंद महाराज जी जैसे धर्माचार्य उनके दावे पर सवाल खड़े कर रहे हैं। लेकिन इन विवादों से उनकी लोकप्रियता का ग्राफ गिरने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है।