कर्नाटक जीत के बाद कांग्रेस हाईकमान का फोकस अब राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना विधानसभा चुनाव पर आ गया है। राजस्थान में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने सीएम गहलोत और कांग्रेस पार्टी की नाक में दम कर रखा है। 15 दिन का अल्टीमेटम पीरियड इसी मई महीने के अंत में खत्म हो जाएगा। इसके बाद पायलट और उनके खेमे के कांग्रेस सरकार में मंत्री और पार्टी विधायकों ने पहले ही आंदोलन की घोषणा कर रखी है। इस डैमेज को कंट्रोल करने में अब कांग्रेस हाईकमान मशक्कत करेगी। अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच विवाद सुलझाने के लिए अब कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व एक्टिव हो गया है। 24-25 मई को दिल्ली में मलिकार्जुन खरगे ने बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं। राजस्थान में गहलोत और पायलट खेमे से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। सचिन पायलट की क्या एक और दौर की समझाइश की जाएगी या पार्टी अब एक्शन लेगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।