मध्य प्रदेश में कफ सिरप पीने से अब तक 17 बच्चों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। मामला सामने आने के बाद से सरकार एक्टिव हो गई है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा अधिक होने की पुष्टि के बाद से सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड में हैं।
बच्चों को कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को शनिवार देर रात पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था। इसके साथ ही सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप के बिक्री पर रोक लगा दी है। सरकार की कार्रवाई के बाद डॉक्टर प्रवीण सोनी के समर्थन में आईएमए आ गया है। डॉक्टर प्रवीण सोनी की गिरफ्तारी के खिलाफ छिंदवाड़ा में IMA और IDA डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. अल्पना शुक्ला ने कहा कि मजबूर होकर हम लोगों को काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अभी भी हमारी मांग है और प्रशासन से निवेदन है कि डॉक्टर प्रवीण सोनी को रिहा कर दिया जाए।
बता दें कि बीते शनिवार देर रात पुलिस ने कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया था। साथ ही सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगाई। एमपी के अलावा कई अन्य राज्य सरकारों ने भी कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगाई है। कप सिरप की जांच रिपोर्ट शनिवार रात को सामने आई।
रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में सामने आया है कि इस सिरप में खतरनाक जहरीला रसायन मौजूद था। कोल्ड्रिफ सिरप में 46.2% डायएथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया। मध्य प्रदेश सरकार ने तत्काल प्रभाव से कोल्ड्रिफ सिरप और कंपनी की सभी दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 6 राज्यों में दवा फैक्ट्रियों की गहन छानबीन शुरू कर दी।