महाराष्ट्र में आखिरकार 41 दिन बाद मंत्रिमंडल का पहला विस्तार मंगलवार को कर दिया गया...जिसमें शिवसेना के बागी गुट और भारतीय जनता पार्टी के नौ-नौ सदस्यों को जगह दी गयी है।
मंत्रिमंडल में किसी भी महिला को शामिल नहीं किया गया है, जिसकी नेताओं और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने आलोचना की है। राज्य में भाजपा की 12 महिला विधायक हैं। शिंदे गुट में दो महिला विधायक हैं तथा उसे एक निर्दलीय महिला विधायक का समर्थन भी हासिल है। महाराष्ट्र में कुल 28 महिला विधायक हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सांसद सुप्रिया सुले ने आरोप लगाते हुए कहा है कि ‘‘महाराष्ट्र महिलाओं को आरक्षण देने वाला देश का पहला राज्य है। जब भारत की 50 फीसदी आबादी महिलाओं की है, तब भी उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। यह भाजपा की मानसिकता को दिखाता है।