चुनाव आयोग ने जब से शिवसेना के नाम और चिह्न को लेकर अपना फैसला सुनाया है, तब से महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल मचा हुआ है। चुनाव आयोग द्वारा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को असली 'शिवसेना' के रूप में मान्यता देने के बाद अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि बजट सत्र से पहले शिंदे-फडणवीस कैबिनेट का विस्तार किया जा सकता है। शिंदे गुट के कई विधायक भी राज्य विधानमंडल में इसके लिए जोर दे रहे हैं। बता दें कि, बजट सत्र 27 फरवरी से शुरू हो रहा है। शिंदे गुट के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा कि यदि अभी कैबिनेट विस्तार किया जाता है तो विधायकों के मन में और अधिक विश्वास पैदा होगा। यह संदेश भी जा सकता है कि सीएम शिंदे सरकार के नियंत्रण में हैं। हालांकि, कैबिनेट विस्तार पर 100 फीसदी मुहर उस समय लगेगी जब भाजपा के साथ पूरी तरह से सहमति बने। वैसे भाजपा फिलहाल कैबिनेट विस्तार को लेकर इतनी उत्सुक दिख नहीं रही है।