मध्यप्रदेश के लटेरी से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक तरफ सरकार गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए तरह-तरह के इंतजाम कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सरकारी योजनाओं का लाभ गरीब बच्चों तक पहुंच नहीं पा रहा है। ऐसा ही एक मामला लटेरी से आया है। यहां सरकारी स्कूल में बच्चों को नि:शुल्क बांटने के लिए किताबें आई थीं, लेकिन उन किताबों को कबाड़ी की दुकान में बेच दिया गया। विदिशा कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने सूचना मिलने पर एसडीएम को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद नायब तहसील हेमंत अग्रवाल द्वारा कार्रवाई करते हुए एक कबाड़ की दुकान से किताबों से भरे बोरे बरामद किए हैं। उक्त कार्रवाई से लटेरी शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
लटेरी नगर में नायब तहसील सहित बीईओ द्वारा एक कबाड़ी की दुकान से सरकारी स्कूल में बांटी जाने वाली किताबों को बरामद करते हुए पंचनामा बनाकर उक्त किताबों को जब्त किया है। नायब तहसीलदार हेमन्त अग्रवाल के मुताबिक सूचना मिली थी कि सरकारी की स्कूल की किताबों को अवैध रूप से बेचा जा रहा है जिसके बाद मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई है। कबाड़ी की दुकान से जो किताबें बरामद की गई हैं वो इसी सत्र 2024-25 की बताई जा रही हैं।
अवैध तरीके से बेची जा रहीं किताबें
उक्त मामले में कबाड़ की दुकान चलाने वाले दुकानदार से पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है। सरकारी स्कूर की किताबें वीआरसी लटेरी के सुपुर्दगी में सौपीं गई हैं। यह किताब स्कूल के चौकीदार द्वारा कबाड़ी की दुकान पर बेचने के लिए लाई गई थीं।