जिले के नौरोजाबाद थाना अंतर्गत महुरा गांव में पांच लोगों का एक परिवार सामाजिक बहिष्कार और धार्मिक प्रताड़ना से इस कदर टूट चुका है कि अब उन्होंने हिन्दू धर्म त्यागकर मुस्लिम धर्म अपनाने का निर्णय ले लिया है। यह कदम उन्होंने समाज के तथाकथित धर्म के ठेकेदारों की अमानवीय व्यवहार और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण उठाया है। पीड़ित परिवार लंबे समय से न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर उन्हें राहत नहीं मिल सकी।
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दरअसल, महुरा गांव में कुछ दिन पहले एक धार्मिक आयोजन हुआ था, जिसमें आयोजनकर्ताओं ने गांव के इस परिवार से 18,000 रुपये का चंदा मांगा। आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद, परिवार ने 10,000 रुपये का भुगतान किया। इसके बावजूद चंद्रभान सिंह, अनिल सिंह और मथुरा सिंह नामक व्यक्तियों ने उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया। आरोप है कि इन लोगों ने आदेश जारी कर दिया कि इस परिवार को अब किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल न किया जाए।
सामाजिक बहिष्कार का असर इस कदर हुआ है कि अब पीड़ित परिवार की बेटी की शादी भी संकट में आ गई है। समाज में किसी भी आयोजन में शामिल न किए जाने से उन्हें न केवल मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है बल्कि आर्थिक और सामाजिक स्तर पर भी भारी नुकसान हो रहा है। इस अमानवीय व्यवहार के खिलाफ परिवार ने पहले पुलिस अधीक्षक और फिर कलेक्टर से शिकायत की, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। निराशा और हताशा के चलते अब उन्होंने धर्म परिवर्तन का निर्णय लिया है।
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पीड़ित किशन सिंह ने बताया कि हमने सभी दरवाजे खटखटाए, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। हमारी बेटी की शादी भी अब अटक गई है। ऐसे में अब हमारे पास मुस्लिम धर्म अपनाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा। यह मामला सामने आने के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष और जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने इसका संज्ञान लिया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है।