छिंदवाड़ा में अमानक कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे प्रदेश में दवा विक्रेताओं और प्रशासन की सतर्कता बढ़ गई है। उमरिया में भी इस घटना के बाद जिला दवा विक्रेता संघ ने तुरंत कदम उठाए हैं। संघ के अध्यक्ष धीरेन्द्र शर्मा धीरू के नेतृत्व में जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स संचालकों ने अपने प्रतिष्ठानों में एक महत्वपूर्ण नोटिस चस्पा किया है, जिसमें साफ तौर पर लिखा गया है कि अब दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सर्दी, खांसी या जुकाम की दवाएं बिना चिकित्सकीय परामर्श के नहीं बेची जाएंगी।
यह पहल जिले में दवाओं की सुरक्षित बिक्री सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। दवा विक्रेता संघ और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से यह संदेश दिया जा रहा है कि बच्चों की दवाई किसी भी हालत में बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं दी जानी चाहिए। उमरिया की ड्रग इंस्पेक्टर प्रियंका चौबे और संघ अध्यक्ष धीरेन्द्र शर्मा धीरू के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान से मेडिकल व्यवसाय में जिम्मेदारी और अनुशासन को भी बल मिला है। अभियान के तहत जिले के सभी दवा दुकानों में यह सूचना स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जा रही है ताकि ग्राहक भी जागरूक रहें और अपने बच्चों के लिए दवाएं लेने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
ये भी पढ़ें- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर वैन को कार ने पीछे से मारी टक्कर, हादसे में महिला की मौत, छह घायल
दवा विक्रेता संघ अध्यक्ष धीरेन्द्र शर्मा ने बताया कि यह निर्णय प्रशासन और संगठन की संयुक्त बैठक के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा की घटना बेहद दुखद है और इससे हमें सीख मिली है कि बच्चों की सेहत के मामले में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी दवा विक्रेताओं से कहा गया है कि वे नियमों का कड़ाई से पालन करें और प्रतिबंधित श्रेणी की दवाइयों का विक्रय न करें। मेडिकल स्टोर्स संचालकों ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि वे ड्रग इंस्पेक्टर और संघ के निर्देशों का पालन सतत रूप से करेंगे। उनका कहना है कि यह कदम न सिर्फ कानून पालन के लिए, बल्कि मानवीय संवेदना से प्रेरित है, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।