उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की मौत पर अब राजनीति गरमा गई है, जहां नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया x पर पोस्ट करते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
सिंघार ने लिखा है कि दीपावली की पूर्व संध्या पर भगवान गणेश के प्रतीक दस हाथियों की बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मौत होना बेहद दुखद घटना है। हम भगवान गणेश की पूजा करते हैं, पर मध्यप्रदेश सरकार के वन मंत्री रामनिवास रावत हाथियों का संरक्षण नहीं कर सके और ना ही जंगल में रह रहे आदवासीयों की बात करना चाहते है। इस घटना के पीछे क्या कारण है, सबसे बड़ी लापरवाही वन विभााग की है छत्तीसगढ़ और कर्नाटक से आए हाथी जो कई सालों से रह रहे हैं। इन हाथियों का इंतजाम सरकार ने नहीं किया। अब जरूरत है वन समितियों को पर्याप्त अधिकार देने और इस टाइगर रिजर्व क्षेत्र के आस पास बसे आदिवासियों के साथ तारतम्य बैठाने की। अब सरकार को चाहिए कि वो लापरवाह वन अधिकारियों से इन हाथियों की मौत के बारे में सवाल करे।
इसके साथ ही सिंघार ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि हम भगवान की पूजा करते हैं। हिंदू धर्म में गणेश जी के रूप में हाथी को सम्मान देते हैं। निश्चित तौर से यह सरकार का अशुभ समय है। एक तरफ आप शस्त्र पूजन कर रहे हो, दूसरी तरफ वन्य प्राणियों की रक्षा नहीं कर पा रहे हो। हाथी जिसे हम गणेश रूप में देखते हैं। सरकार उनकी रक्षा नहीं कर पा रही है। मैं कहना चाहता हूं कि सरकार के वन मंत्री वोट मांग रहे हैं लेकिन गणेश जी की पूजा भूल गए, उनके स्वरुप हाथी का ध्यान रखना भूल गए।
हम आपको बता दें कि उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मंगलवार को चार हाथियों की मौत हो गई. फिर बुधवार को सुबह खबर आई कि तीन और हाथियों ने दम तोड़ दिया है। बुधवार रात को एक और हाथी ने दम तोड़ दिया। गुरुवार को सुबह 1 हाथी और शाम को 1 हाथी ने दम तोड दिया. इस तरह से मरने वाले हाथियों की संख्या कुल 10 हो चुकी है।