बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बार फिर सनसनी फैल गई है। जब पनपथा कोर परिक्षेत्र के सेहरा बीट के कक्ष क्रमांक आर एफ-449 में एक तेंदुए का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। शव मिलने की जानकारी मिलते ही टाइगर रिजर्व प्रबंधन सतर्क हो गया और तत्काल अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि मृत तेंदुए के नाखून और कुछ अन्य अंग गायब थे, जिससे अवैध शिकार की आशंका बलवती हो गई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक पीके वर्मा ने बताया कि मौके पर पहुंची टीम ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया, जिसमें दो डॉक्टरों की टीम शामिल थी। इसके बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत शव का अंतिम संस्कार किया गया।
मामले की तह तक जाने के लिए डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई है और पूरे इलाके में गहन सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि तेंदुए की मौत स्वाभाविक थी या शिकारियों ने इस घटना को अंजाम दिया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इस तरह की घटना ने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और टीम हर एंगल से मामले की जांच में जुट गई है।
बांधों का टाइगर रिजर्व में आए दिन हो रही बाघों और वन्य प्राणियों की मौत अब वन्य प्रेमी यो को संकट में डाल रही है। यहां आए दिन बाघों की मौत की खबर निकाल के सामने आती है, जिसमें प्रबंधन आपसी संघर्ष बढ़कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देता है। बहरहाल, अब इस मामले में देखना दिलचस्प होगा कि आगे इसमें प्रबंधन क्या कुछ कार्रवाई करता है या फिर इस मामले को भी ठंडे बस्ती में डाल दिया जाएगा।