नए साल के स्वागत के लिए मध्य प्रदेश के दो प्रमुख टाइगर रिजर्व बांधवगढ़ और कान्हा पूरी तरह सज-संवर चुके हैं। जंगल की हरियाली, ठंडी हवा और बाघों की रोमांचक मौजूदगी के बीच पर्यटकों को यादगार अनुभव देने के लिए वन विभाग और पर्यटन से जुड़े सभी संस्थान अलर्ट मोड पर हैं। दिसंबर के अंतिम दिनों से ही यहां पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
बांधवगढ़ में हाउसफुल हालात, हर सफारी पर फुल बुकिंग
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप क्षेत्रीय संचालक प्रकाश कुमार वर्मा ने बताया कि नये साल को लेकर सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली गई हैं। वर्तमान में बांधवगढ़ के लगभग सभी रिसॉर्ट पूरी तरह फुल चल रहे हैं। कोर और बफर एरिया को मिलाकर प्रतिदिन 210 वाहनों को पार्क में प्रवेश की अनुमति दी जाती है। एक जिप्सी में 6 पर्यटकों के हिसाब से रोजाना करीब 1260 सैलानी जंगल सफारी का आनंद ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टिकट पहले ही फुल हो चुके हैं और ऑफलाइन टिकट मिलना भी मुश्किल हो गया है। कुल मिलाकर नये साल के आसपास बांधवगढ़ पूरी तरह हाउसफुल की स्थिति में है।
कान्हा नेशनल पार्क में भी उत्साह, बढ़ी निगरानी और व्यवस्थाएं
बांधवगढ़ के साथ-साथ कान्हा नेशनल पार्क में भी नए साल को लेकर खास उत्साह है। यहां भी पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जंगल सफारी के साथ-साथ नेचर ट्रेल, बर्ड वॉचिंग और स्थानीय संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों को लेकर सैलानियों में खास रुचि देखी जा रही है। पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कान्हा में भी अतिरिक्त गाइड, ड्राइवर और वन कर्मियों की तैनाती की गई है। सफारी टाइमिंग, वाहन चेकिंग और पर्यावरण संरक्षण नियमों पर सख्ती से अमल कराया जा रहा है।
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स्थानीय कारोबार को मिला संजीवनी
नए साल की भीड़ का सीधा फायदा स्थानीय लोगों को भी मिल रहा है। होटल, रिसॉर्ट, टैक्सी, गाइड और हस्तशिल्प से जुड़े कारोबार में अच्छी रौनक है। लंबे समय बाद पर्यटन सीजन के पीक पर पहुंचने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
प्रकृति के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी
वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे जंगल भ्रमण के दौरान नियमों का पालन करें, शोर न करें और वन्यजीवों की प्राकृतिक जीवनशैली में किसी तरह का हस्तक्षेप न करें। नए साल का जश्न प्रकृति के करीब रहकर मनाएं, यही इन जंगलों की असली पहचान है। कुल मिलाकर, नया साल मनाने के लिए बांधवगढ़ और कान्हा इस बार सैलानियों के लिए खास अनुभव लेकर तैयार हैं, जहां रोमांच, सुकून और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।