केंद्रीय बजट 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी नगर एवं ग्रामीण जिला उज्जैन द्वारा प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल की उपस्थिति में एक पत्रकारवार्ता आयोजित की गई थी। जिसमें इस बार के बजट की उपयोगिता बताने के साथ ही प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने सिंहस्थ को लेकर किए जा रहे कार्यों के बारे में भी बताया, लेकिन इस दौरान वह यह बताने से भी नहीं चूके कि जब वह कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना के तहत जमीन से 100 फीट नीचे उतर रहे थे और उन्होंने नीचे जाकर देखा तो वे घबरा गए थे और उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया था।
गड्ढे में उतरा तो लगने लगा था डर
प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि मैें पहली बार इतने गहरे गड्ढे में उतरा था। मेरे आगे आगे जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट इस डक्ट का निरीक्षण करने पहुंचे थे और जब मेरा नंबर आया तो इतने गहरे गड्ढे को देखकर ही मैं घबरा गया। मुझे इतना डर लगा कि मैं हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया। वैसे उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए यह भी कहा कि आपको डरने-घबराने की जरूरत नहीं है, सिंहस्थ अच्छे से होगा। सिंहस्थ को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है और हम लोग प्रयागराज कुंभ से सीख कर यहां अच्छी से अच्छी व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं।
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जानिए क्या है कान्ह डक्ट परियोजना
याद रहे कि शिप्रा नदी को स्वच्छ बनाने के लिए कान्ह डक्ट परियोजना का कार्य किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत जमीन के अंदर टनल बनाकर कान्ह नदी के गंदे पानी को डायवर्ट किया जा रहा है। इस टनल के तहत शिप्रा नदी से 30 किलोमीटर दूर स्थित गंभीर नदी के डाउन स्ट्रीम में इस पानी को छोड़ा जाएगा। यह देश की पहली ऐसी परियोजना है जिसमें जमीन के अंदर ही पूरे पानी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर 30 किलोमीटर तक ले जाया जा रहा है।