मंगलवार शाम आई तेज आंधी किसानों के लिए आफत बनकर बरसा है। इस तूफान के कारण किसानों की फसलें तो खराब हुई ही हैं इसके साथ ही उज्जैन जिले के तराना में फसल बर्बाद होने से एक किसान ने आत्महत्या भी कर ली है। बताया जाता है किसान पंकज मालवीय तराना तहसील के खेड़ा जामुनिया गांव का रहने वाला था। उसने करीब 6 बीघा जमीन पर गेहूं की फसल लगाई थी, जो कि इस आंधी से नष्ट हो गई। फसल खराब होने से पंकज काफी परेशान था। वह मंगलवार रात घर नहीं लौटा। सुबह जब परिवार के लोग खेत पहुंचे तो उसका शव मिला।
स्टेटस लगाया और उठाया आत्मघाती कदम
परिजनों के मुताबिक, घटना से पहले पंकज ने अपनी खराब फसल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाया था। वह शाम से ही तनाव में था। किसान की मौत की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक महेश परमार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और सरकार से 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की।
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दो दिन पहले हुई थी बहन की सगाई
बताया जाता है कि दो दिन पहले मृतक की बहन की सगाई हुई थी अप्रैल में उसकी शादी होने वाली थी। पंकज शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। मृतक के समधी ईश्वर लाल परमार ने बताया कि ओलावृष्टि के बाद शाम करीब 7 बजे पंकज ने उन्हें फोन किया था। उसने फसल बर्बाद होने के कारण बहन की शादी को लेकर चिंता जताई। और यह भी कहा था कि अब शादी कैसे हो पाएगी, जबकि बयाना भी दे चुका है। उन्होंने पंकज को समझाया कि सब मिलकर व्यवस्था कर लेंगे और चिंता न करें, लेकिन इसके बावजूद उसने यह बड़ा कदम उठा लिया।
विधायक महेश परमार ने कर डाली यह मांग
विधायक महेश परमार ने बताया कि किसान ने फसल बर्बाद होने के चलते आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाया है। सांत्वना देने आया था। हम एसडीएम कार्यालय का घेराव कर किसान के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग करेंगे।