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Ujjain News: बाबा महाकाल का अलौकिक श्रृंगार, त्रिपुंड-त्रिशूल और रजत मुकुट में दिए दिव्य दर्शन

Wed, 24 Jun 2026 07:22 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी पर बुधवार सुबह भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात से ही भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए कतार में खड़े रहे। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलने के साथ ही बाबा महाकाल की भस्म आरती शुरू हुई और पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के जयघोष से गूंज उठा। विधि-विधान से हुआ पूजन और जलाभिषेक महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि वीरभद्र से आज्ञा लेने के बाद मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन किया गया। बाबा महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। भव्य श्रृंगार के बाद चढ़ाई गई भस्म पूजन के बाद पुजारियों और पुरोहितों ने बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार किया। कपूर आरती के बाद उन्हें नवीन मुकुट धारण कराया गया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई। झांझ, मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच भस्म आरती संपन्न हुई। राममय स्वरूप में नजर आए बाबा महाकाल आज के विशेष श्रृंगार में बाबा महाकाल को पूजन सामग्री से सजाया गया। त्रिपुंड, त्रिशूल और त्रिनेत्र से अलंकृत करने के बाद उन्हें नया मुकुट पहनाया गया और भस्म रमाई गई। इस विशेष श्रृंगार में बाबा महाकाल राममय स्वरूप में नजर आए। हजारों श्रद्धालुओं ने इन दिव्य और अलौकिक दर्शनों का लाभ लिया। भस्म आरती का धार्मिक महत्व मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी वजह से भस्म आरती को देखने और उसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। महाकाल मंदिर में आरती का समय भस्म आरती सुबह 4:00 बजे से 6:00 बजे तक होती है। दद्योदक आरती सुबह 7:00 बजे से 7:45 बजे तक होती है। भोग आरती सुबह 10:00 बजे से 10:45 बजे तक होती है। संध्या पूजन शाम 5:00 बजे से 5:45 बजे तक किया जाता है। संध्या आरती शाम 7:00 बजे से 7:45 बजे तक होती है। शयन आरती रात 10:30 बजे से 11:00 बजे तक संपन्न होती है। शरद पूर्णिमा तक लागू रहेगा नया समय महाकालेश्वर मंदिर में आरतियों के समय में किया गया यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा तक प्रभावी रहेगा।  

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