फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ujjain News: तराना के उत्कृष्ट विद्यालय में NCC शिक्षक पर छात्रा से अश्लीलता का आरोप, ABVP-NSUI का प्रदर्शन

Sat, 20 Dec 2025 11:00 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

उज्जैन से करीब 40 किमी दूर तराना के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के एनसीसी शिक्षक प्रदीप देवड़ा पर गंभीर आरोप आरोप लगे हैं। शिक्षक और छात्रा के बीच हुई चैट के वायरल होने के बाद एबीवीपी और एनएसयूआई संगठनों ने स्कूल में आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा शिक्षक के निलंबन को लेकर स्कूल परिसर में धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्राचार्य दिग्विजय सिंह चौहान पर गंभीर आरोप लगाते हुए आरोपी शिक्षक को बचाने की बात कही और शिक्षक को स्कूल में बुलवाने पर अड़े रहे।

शिक्षक को स्कूल से हटाने की मांग की
तराना में शासकीय उत्कृष्ट सांदीपनि माध्यमिक विद्यालय के एनसीसी शिक्षक और छात्रा के बीच की चैट वायरल होने से हंगामा मच गया। चैट के सामने आने के बाद एबीवीपी और एनएसयूआई ने प्रदर्शन कर शिक्षक को हटाने की मांग कर स्कूल का घेराव कर दिया। प्राचार्य दिग्विजय सिंह चौहान द्वारा पहले तो शिक्षक का पक्ष लेते हुए उसकी छुट्टी का बहाना लिया गया। बाद में मोबाइल का हैंग होना बताया गया। प्राचार्य दिग्विजय सिंह चौहान ने बताया कि डीईओ को पत्र लिखकर जांच के लिए कहा गया है। साथ ही उन्हें उज्जैन में अटैच कर दिया गया है।

ये भी पढ़ें- भोपाल में तांगे से स्मार्ट परिवहन मेट्रो तक, बदलते वक्त के साथ बदला शहर का सफर

एनएसयूआई ने चक्काजाम किया
एनएसयूआई ने कार्रवाई की मांग को लेकर चक्काजाम किया। पुलिस प्रशासन की समझाइश के बाद उन्होंने चक्काजाम तो रोक दिया, लेकिन शिक्षक के निलंबन के लिए दोनों पक्ष अड़े रहे। घटनाक्रम की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय विधायक महेश परमार के निर्देश पर यूथ कांग्रेस और कांग्रेस ने स्कूल के सामने आरोपी शिक्षक पर कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।

दबाव बनाकर मामला दबाने का प्रयास किया
एबीवीपी कार्यकर्ताओं का दावा है कि छात्रा के साथ कथित हरकत के बाद शिक्षक और छात्रा की कुछ चैट और वीडियो विद्यालय में चर्चा का विषय बने हुए थे। आरोप है कि इन तथ्यों के सामने आने के बाद विद्यालय प्रबंधन द्वारा कुछ छात्रों और छात्राओं पर पनिशमेंट देने तथा उन्हें प्राइवेट करने का दबाव बनाकर मामला दबाने का प्रयास किया गया।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें