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Ujjain News: मखाने की माला से सजे बाबा श्री महाकाल, भस्म आरती श्रृंगार देख भक्त हुए भाव-विभोर; लगे जयकारे

Sun, 26 Apr 2026 07:44 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

वैशाख शुक्ल पक्ष की दशमी के अवसर पर रविवार सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने देर रात से ही कतारों में लगकर अपने इष्टदेव बाबा महाकाल के दर्शन किए। प्रातः चार बजे भगवान महाकाल के जागरण के साथ आरती की शुरुआत हुई, जिसके बाद उनका अलौकिक श्रृंगार कर भस्म अर्पित की गई। मंदिर परिसर "जय श्री महाकाल" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष की दशमी पर प्रातः चार बजे भस्म आरती संपन्न हुई। वीरभद्र जी से आज्ञा लेने के बाद मंदिर के पट खोले गए और पंडे-पुजारियों द्वारा गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत एवं फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटा बजाकर "हरि ओम" का जल अर्पित किया गया। इसके बाद पुजारियों एवं पुरोहितों ने भगवान का भव्य श्रृंगार किया और कपूर आरती के उपरांत उन्हें नवीन मुकुट धारण कराया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई, जिसके पश्चात झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के साथ भस्म आरती संपन्न हुई। आज के श्रृंगार की विशेषता यह रही कि बाबा महाकाल का "किंग ऑफ उज्जैन" स्वरूप में अलंकरण किया गया। इस दिव्य और अलौकिक दर्शन का लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने लिया और पूरे परिसर में भक्ति का अद्भुत वातावरण बना रहा। मान्यता है कि भस्म अर्पण के पश्चात भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। ये भी पढ़ें- MP Weather Today: मध्यप्रदेश में गर्मी का कहर, खजुराहो 44.6 डिग्री के साथ सबसे आगे, कई शहर 44 डिग्री के पार

यह है आरती का समय
- भस्म आरती सुबह 4 से 6 बजे तक
- दद्योदक आरती प्रात: 7 से 7:45 बजे तक
- भोग आरती प्रात: 10 से 10:45 बजे तक
- संध्या पूजन सायं 5 से 5:45 बजे तक
- संध्या आरती सायं 7:00 से 7:45 बजे
- शयन आरती रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक
महाकालेश्वर मंदिर मे आरतियों के समय में हुआ यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक जारी रहेगा।
     

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