फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ujjain News: गुड़ी पड़वा पर नीम मिश्रित जल से हुआ बाबा महाकाल का स्नान, मुख्य शिखर पर लहराया नया ध्वज

Thu, 19 Mar 2026 08:28 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा गुड़ी पड़वा भी धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान पुजारियों ने कोटितीर्थ कुंड पर सूर्य को अर्घ्य देकर नवसंवत्सर का स्वागत किया। इसके बाद बाबा महाकाल को नीम के जल से स्नान कराकर पंचामृत पूजन अभिषेक किया गया। पुजारी-पुरोहितों द्वारा भगवान को नीम-मिश्री के शरबत का भोग लगाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया जाएगा। महाकाल मंदिर में मंदिर के शिखर पर आज नया ध्वज भी लगाया गया। 

पुजारी पं महेश शर्मा ने बताया कि ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में यह भी एक परंपरा है, जिसका समय-समय पर पालन किया जाता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिन्दू नववर्ष का शुभारंभ होने पर चैत्र मास ऋतु परिवर्तन का होता है। इस माह में ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत होती है। इसके प्रभाव से वात, कफ, पित्त की वृद्धि होती है। इससे अनेक रोग जन्म लेते हैं। वात, कफ, पित्त के निदान के लिए नीम के सेवन का महत्व है। आयुर्वेद में भी नीम मिश्री के सेवन को अमृत तुल्य बताया गया है। नीम के जल से स्नान करने से त्वचा के रोग समाप्त होते हैं। इसलिए ज्योतिर्लिंग की परंपरा में अखिल विश्व को समय का बोध, तिथि के महत्व तथा आयुर्वेद के माध्यम से निरोगी रहने का संदेश दिया जाता है। इसलिए इस दिन भगवान महाकाल को नीम युक्त जल से स्नान कराते हैं। साथ ही नीम का जल भक्तों को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।

ये भी पढ़ें: MP News: विक्रमादित्य के नाम पर 1.01 करोड़ का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान, CM बोले- गुड़ी पड़वा नवचेतना का प्रतीक

आज चैत्र शुक्ल पक्ष की एकम तिथि पर गुरुवार तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पण्डे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत से कर पूजन-अर्चन किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष व पुष्पों की माला धारण करवाई गई। 

आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आज एकम की भस्म आरती में बाबा महाकाल का एक अलग ही स्वरूप में शृंगार किया गया, जिसमें बाबा महाकाल को भांग और ड्रायफ्रूट से शृंगारित किया गया। शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंककर भस्म रमाई गई और भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या मे श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। 

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें