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Ujjain News: न्याय की लगी गुहार, स्त्री रोग विशेषज्ञ के दवाखाने के सामने परिजनों ने दिया धरना; लगाए गंभीर आरोप

Wed, 17 Sep 2025 08:25 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

उज्जैन की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ के क्लिनिक के सामने मंगलवार को एक परिवार न्याय की गुहार लेकर धरने पर बैठ गया। परिवार का आरोप है कि महिला डॉक्टर की लापरवाही के कारण गर्भवती महिला की मौत हो गई। भोपाल निवासी दीपेश मालवीय अपनी दोनों सालियों, सास-ससुर, बेटे कुशाग्र और पत्नी की दो सहेलियों के साथ उज्जैन की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.रेखा चांदवानी के मुंगी चौराहा स्थित क्लिनिक के सामने पोस्टर लगाकर प्रदर्शन करने लगे। परिवार के सभी सदस्य हाथों में पोस्टर लिए हुए थे, जिनमें मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई गई थी। दीपेश मालवीय ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी रेखा मालवीय का नौ माह तक इलाज डॉ. चांदवानी के यहां चला। 15 अगस्त को पत्नी को लेकर वे पुष्पा मिशन अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें तुरंत रेफर कर दिया। इसके बाद वे पत्नी को अवंति अस्पताल ले गए, फिर हालत बिगड़ने पर इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया। यहां 16 अगस्त को पत्नी ने बेटी को जन्म दिया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दीपेश का कहना है कि यह सब डॉक्टर की लापरवाही के कारण हुआ। डॉक्टर का पक्ष
डॉ. रेखा चांदवानी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मृतका का पहले बेटे के जन्म के समय भी इलाज मैंने ही किया था। इस बार भी इलाज मेरे ही पास चल रहा था। डिलीवरी की संभावित तारीख 25 या 27 अगस्त थी, लेकिन ये लोग अचानक 15 अगस्त को अस्पताल लेकर आ गए। मरीज की स्थिति गंभीर थी, इसलिए मैंने तुरंत हायर सेंटर रेफर किया। डॉ. चांदवानी का कहना है कि महिला की मौत के लगभग एक माह बाद परिवार उनके पास आया और रुपए की मांग करने लगा। मना करने पर धमकाने की कोशिश की गई। इस दौरान 112 पर कॉल किया गया। हमारे पास पूरे मामले के CCTV फुटेज मौजूद हैं। परिजनों का आरोप
परिजनों का कहना है कि डॉ. चांदवानी के गलत इलाज से महिला की तबीयत बिगड़ी और हालत गंभीर होने पर इंदौर रेफर किया गया। 20 दिनों तक एमवाय अस्पताल में भर्ती रहने के बाद महिला की मौत हो गई। परिवार का कहना है कि महिला बच्चों को जन्म तो दे पाई, लेकिन खुद बच नहीं सकी। इस घटना से मृतका के दो छोटे बच्चे मां के साये से वंचित हो गए हैं। जब परिजन न्याय की मांग को लेकर क्लिनिक पहुंचे तो डॉक्टर वहां से निकलने लगीं, लेकिन लोगों की भीड़ जुटने पर उन्हें वापस लौटना पड़ा और पुलिस को भी बुलाया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से ही उनकी बेटी की जान गई। ये भी पढ़ें- सियासत का वंशवाद: कांग्रेस में भी गहरी हैं भाई-भतीजावाद की जड़ें, 'वारिसों' को मिलता है टिकट या संगठन में पद

पुलिस जांच जारी
दोनों पक्षों ने माधव नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों की पड़ताल के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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