उज्जैन के खाचरोद से पूजा-पाठ और शरीर से कथित प्रेत आत्मा निकालने के नाम पर प्रताड़ना का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां आठ लोगों ने एक महिला को इस कदर यातनाएं दीं कि उसके दोनों हाथ और सिर तक जला दिए। गर्म सिक्कों से दागने की इस क्रूरता से महिला दर्द सहते-सहते बेहोश हो गई। यह घटना 29 सितंबर की है, जबकि पीड़िता ने आठ दिन बाद महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। महिला की रिपोर्ट पर टीआई लीला सोलंकी ने कार्रवाई करते हुए आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिनमें से तीन को हिरासत में लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, उज्जैन के जूना सोमवारिया इलाके में रहने वाली उर्मिला की शादी गौतमपुरा में हुई थी। वह कई दिनों से बीमार थी। इलाज कराने के बावजूद जब हालत में सुधार नहीं हुआ, तो उसकी मां को पता चला कि खाचरोद के पास श्रीवच्छ गांव में एक महिला “माता” के रूप में पूजा-पाठ करती है और नवरात्रि के दौरान उसके आशीर्वाद से बुरी आत्माओं का प्रभाव खत्म हो जाता है।
नवरात्रि की सप्तमी के दिन उर्मिला अपनी मां और परिवार के दो सदस्यों के साथ श्रीवच्छ गांव पहुंची। वहां उसकी मां को बाहर रोक दिया गया और आठ लोगों ने उर्मिला को एक कमरे में बंद कर लिया। अंदर उसे जंजीरों से पीटा गया, फिर बांधकर उसके हाथों पर रुई की बत्ती को घी में डुबोकर जलाया गया। जलती बत्ती तब तक रखी गई जब तक उसकी हथेलियां झुलस नहीं गईं। इसके बाद गर्म सिक्के से उसके सिर को दागा गया, जिससे उसकी चमड़ी तक उतर गई। असहनीय दर्द के चलते उर्मिला वहीं बेहोश हो गई।
करीब 10 दिन बाद जब उसकी हालत कुछ संभली, तो वह अपने परिजनों के साथ महिला थाने पहुंची। महिला टीआई ने जब उसके घाव देखे तो वे भी दंग रह गईं। जांच में पता चला कि श्रीवच्छ गांव की सुधा बाई इस तरह के टोटके और “माता पूजा” के नाम पर लोगों से झाड़-फूंक करवाती है। पुलिस ने सुधा बाई सहित आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिनमें से चार आरोपी पीड़िता के ही रिश्तेदार हैं।