टीकमगढ़ जिले के कुर्राई गांव निवासी सुशील यादव की 13 अप्रैल 2024 को झांसी रोड पर पूनोल हार के पास नाले के समीप पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी राखी यादव और उसके प्रेमी बृजेंद्र यादव को आरोपी बनाया था। गुरुवार को टीकमगढ़ जिला न्यायालय ने इस प्रकरण में अपना फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने बृजेंद्र यादव को आजीवन कारावास और ₹12,000 के अर्थदंड, जबकि राखी यादव को आजीवन कारावास और ₹5,000 के अर्थदंड से दंडित किया है।
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क्या था मामला
जिला न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्रवण खरे ने बताया कि 13 अप्रैल 2024 को कुर्राई गांव निवासी सुशील यादव अपनी बाइक से रतन गोवा जा रहा था। झांसी रोड पर पूनोल हार के पास नाले के समीप उसकी पत्नी राखी और उसके प्रेमी बृजेंद्र ने पहले उसे शराब पिलाई, फिर हथौड़ा और पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद दोनों मौके से फरार हो गए। दिगौड़ा पुलिस ने जांच कर दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था और गिरफ्तारी के बाद आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
अधिवक्ता खरे के अनुसार, मृतक सुशील यादव और आरोपी बृजेंद्र यादव मामा-बुआ के लड़के थे और उनके बीच मित्रता थी। इसी दौरान बृजेंद्र के राखी यादव (सुशील की पत्नी) से अवैध संबंध बन गए। दोनों ने मिलकर सुशील की हत्या की साजिश रची। बृजेंद्र ने सुशील को रतन गोवा बुलाया और रास्ते में शराब पिलाकर उसकी पत्नी के साथ मिलकर पत्थर व हथौड़े से हत्या कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से शव और बाइक बरामद की थी। मामले में 14 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनके आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।