फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tikamgarh News: सनातन एकता यात्रा का टीकमगढ़ में जगह-जगह किया किया स्वागत , मंदिर में संतों का समागम

Sun, 01 Dec 2024 01:20 PM IST
टीकमगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़

सनातन सांस्कृतिक संघ की ओर से बुंदेलखंड में सनातन एकता यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा ललितपुर के तुवन हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर देर शाम टीकमगढ़ पहुंची। यात्रा का वानपुर रोड मुक्तिधाम तिराहे पर विभिन्न संगठनों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद यात्रा बड़ा तालाब होते हुए ताल दरवाजा, पपौरा चौराहा और विजय राघव मंदिर पहुंची। यहां बब्लू महाराज (चौकी वाले बाबा) की अगुवाई में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। आतिशबाजी के बीच संतों और भक्तों ने यात्रा पर पुष्प वर्षा की।

इसके बाद यात्रा जेठा चौराहा, लक्ष्मी टॉकीज, सुभाष बुक डिपो, अवस्थी चौराहा होते हुए गांधी चौराहे पहुंची, जहां एक विशाल आम सभा का आयोजन किया गया। सभा में संतों ने सनातन एकता पर बल दिया। सनातन सांस्कृतिक संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिप्रिया भार्गव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमें सनातन एकता यात्रा में सक्रिय रूप से शामिल होना चाहिए और एकता के संदेश को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार सनातन धर्म की सेवा कर रहा है और संघ हमेशा ही सनातन धर्म के कार्यों में अग्रसर रहता है।

कार्यक्रम का आभार भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक के निज सचिव अनुराग वर्मा ने प्रकट किया। इसके बाद यात्रा नजरबाग, सेल सागर, मिश्रा तिराहा, ईदगाह होते हुए राजशाही शहनाई गार्डन पहुंची, जहां भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। सभी ने प्रसाद ग्रहण किया और यात्रा का पहला चरण संपन्न हुआ। सुबह 10 बजे यात्रा पुनः शहनाई गार्डन से प्रारंभ होकर सिविल लाइन, अस्पताल चौराहा, जेल रोड, अंबेडकर तिराहा, मऊ चूंगी, नया बस स्टैंड, बल्देवगढ़, बंधा तिगड्डा, गुलगंज होते हुए छतरपुर जिले के लिए प्रस्थान करेगी।
 
एकजुट रहने के लिए किया जागरूक 
कार्यक्रम के राष्ट्रीय संयोजक मनोज जैन ने बताया कि यात्रा सनातन सांस्कृतिक संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिप्रिया भार्गव के नेतृत्व में आयोजित की जा रही है। 29 नवंबर को ललितपुर के तुवन हनुमान मंदिर से शुभारंभ हुई यह यात्रा बुंदेलखंड के टीकमगढ़, बल्देवगढ़, गुलगंज, छतरपुर, महोबा, कुलपहाड़, हरपालपुर, मऊरानीपुर, गुरसराय और चिरगांव होते हुए 2 दिसंबर को झांसी पहुंचेगी। वहां मुक्ता काशी मंच पर यात्रा का समापन होगा। यात्रा के माध्यम से सनातन धर्म को एकजुट रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें