फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tikamgarh News: एडीएम कोर्ट में हुई अनूठी शादी, देखें वीडियो

Fri, 30 Aug 2024 08:32 PM IST
टीकमगढ़ ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़

कहते हैं कि प्यार अंधा होता है, साथ पढ़ते-पढ़ते नाबालिग उम्र में एक दूसरे को प्यार हो गया। लेकिन बांधा बनी उम्र। जब बालिग हो गए तो दोनों ने एडीएम के यहां आवेदन करके एक महीने बाद शादी रचा ली। यह पूरी शादी टीकमगढ़ कलेक्ट्रेट कार्यालय में स्थित एडीएम कार्यालय में एडीएम की उपस्थिति में हुई, जिसमें बाराती बने ऑफिस के कर्मचारी और साक्षी बने एडीएम।

टीकमगढ़ एडीएम पीसी चौहान के स्टेनो जैकी जैन ने शुक्रवार की शाम जानकारी देते हुए बताया कि टीकमगढ़ एडीएम कार्यालय में एक महीने पूर्व लड़का, लड़की ने शादी के लिए आवेदन दिया था। इसके बाद एडीएम कोर्ट द्वारा इश्तिहार जारी किया गया था और यह इश्तिहार उत्तर प्रदेश के बागपत और मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ शहर में संबंधित पुलिस थाने को भेजा गया था। दोनों जगह से कोई आपत्ति न आने के बाद शुक्रवार की शाम 5:00 बजे एडीएम कोर्ट में वरमाला का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

नाबालिग की उम्र में हुआ था प्यार
एडीएम के स्टेनो जैकी जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि यह दोनों साथ में पढ़ते थे और वह पिछले सात साल से एक दूसरे से प्यार करते थे। लेकिन शादी उम्र के कारण नहीं हो पा रही थी, जब दोनों बालिग हुए तो दोनों ने टीकमगढ़ एडीएम कोर्ट में आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि टीकमगढ़ शहर के इंदिरा कॉलोनी के रहने वाले युवक पारस जैन उम्र 22 वर्ष पिता का नाम चिंतामणि जैन हैं और उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांव बड़ागांव रावण की रहने वाली रेशु त्यागी उम्र 21 साल पिता मुकेश त्यागी दोनों ने आकर की एडीएम कोर्ट में आवेदन दिया था।

इसमें दोनों के पते से संबंधित पुलिस को सूचना भी दी गई थी कि कोई आपत्ति हो तो दर्ज कराई जा सकती है। एक महीने का समय गुजर जाने के बाद जब दोनों जगह से कोई आपत्ति नहीं आई तो शुक्रवार की शाम 5:00 बजे एडीएम कोर्ट में जयमाला का कार्यक्रम आयोजित करके उनकी शादी रचा दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में साक्षी बने एडीएम चौहान और बाराती और घराती बने एडीएम कार्यालय का स्टाफ और दोनों खुशी-खुशी से अपने घर चले गए।

सात साल पहले दोनों का प्यार परवान चढ़ा था। लेकिन उम्र कच्ची थी, इसलिए दोनों एक दूसरे से प्यार करते रहे और उनकी चाहत बढ़ती गई और अंततः प्यार की जीत हुई और दोनों ने एक दूसरे को जयमाला पहनाकर शादी कर ली न तो इसमें लड़के के परिजन शामिल हुए और न ही लड़की के कोई परिजन शादी में शामिल हुए, लेकिन अंतत प्यार की जीत हुई।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें