रीवा जिले की बीजेपी समर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए आरक्षण को लेकर विवादित टिप्पणी कर रही हैं। इस वीडियो के कारण राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
क्या है पूरा मामला?
मामला पिपरा ग्राम पंचायत की महिला सरपंच अनीता कोल से जुड़ा है। सरपंच ने पंचायत सचिव अनंत सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सचिव ने बिना उनकी जानकारी के डीएससी से ओटीपी जनरेट कर 3 लाख रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया। जब उन्होंने शिकायत दर्ज कराई, तो उन्हें नईगढ़ी जनपद अध्यक्ष ममता कुंज बिहारी तिवारी और अन्य अधिकारियों से कोई मदद नहीं मिली। अंततः न्याय की आस में वे जिला पंचायत कार्यालय पहुंचीं।
नीता कोल की नाराजगी और वायरल वीडियो
महिला सरपंच की शिकायत सुनकर जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल नाराज हो गईं। वीडियो में वे कहते हुए नजर आ रही हैं- "अगर सीईओ आदेश नहीं दे रहा, प्रशासन मजबूर है, तो काहे का आरक्षण? क्या है आरक्षण का लाभ? खत्म करो ये आरक्षण-फारक्षण! ऐसे निर्वाचन का क्या मतलब?" इसके साथ ही उन्होंने सरपंच को सुझाव दिया कि अगर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है, तो उन्हें जिला पंचायत कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करना चाहिए।
सीईओ की अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं
इस विवाद के बीच जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। गौरतलब है कि उन्होंने महज 15 दिन पहले ही पदभार ग्रहण किया है।