शाजापुर में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार को हाट मैदान स्थित सर्वोत्तम सुयश क्लीनिक सेंटर पर अनियमितता मिलने पर उसे सील करने की कार्रवाई की है। क्लीनिक को स्वास्थ्य विभाग से मरीजों को परामर्श देने की अनुमति मिली थी, लेकिन प्रशासन को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि यहां पर प्रसूताओं को भर्ती कर डिलीवरी की जा रही है।
जांच के दौरान प्रशासनिक टीम को यहां बेड लगे हुए मिले। मेडिसिन और बॉटल भी मिली जो प्रसूताओं को डिलीवरी के दौरान दी जाती है। टीम ने क्लीनिक पर रखी खुली दवाइयां भी जब्त की गईं। दवाइयों का क्लीनिक पर कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं था।
अनियमितताओं के मामले में जिला प्रशासन की टीम ने डॉक्टर से संपर्क साधा, लेकिन उसने अपने क्लीनिक पर आने को कहा। क्लीनिक महिला चिकित्सक डॉ स्मिता सिंह का है और वे शासकीय जिला अस्पताल में भी पदस्थ हैं। इन पर पहले भी कई मरीजों ने आरोप लगाया है कि वे, जिला अस्पताल में प्रसुताओं की डिलीवरी न करते हुए अपने निजी क्लीनिक पर प्रसव करवाती हैं एवं मोटी रकम मरीजों से लेती हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पंचनामा बनाकर क्लीनिक को सील कर दिया। इस कार्रवाई से अवैध क्लीनिकों संचालकों में भय का माहौल है।
मामले में डिप्टी कलेक्टर राजकुमार हलधर ने बताया कि लंबे समय से सर्वोत्तम सुयश क्लीनिक की शिकायत मिल रही थी कि, नियम विरुद्ध एवं अवैध तरीके से यहां प्रसूताओं की डिलीवरी करवाई जा रही है। जब हमारी टीम मौके पर पहुंची तो कई पेशेंट लाइन लगाकर डॉक्टर स्मिता सिंह का इंतजार कर रहे थे। स्वास्थ्य विभाग से इनको सिर्फ परामर्श देने के लिए क्लीनिक की परमिशन दी गई है, लेकिन यहां पर अवैध रूप से प्रसूताओं की डिलीवरी करवा रही थीं। कई दवाइयों का भंडारण भी अवैध तरीके से रख रहे थे, जो जिला प्रशासन की टीम ने जब्त की है। हमने अस्पताल को सील किया है एवं कार्रवाई की गई है।