फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: सरकारी स्कूल की छात्राओं में 15 दिनों से रहस्यमय बीमारी, दहशत में गांव; कैसे अंधविश्वास हो रहा हावी?

Thu, 25 Dec 2025 09:26 PM IST
सिवनी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी

सिवनी लखनादौन विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मढ़ी में पिछले करीब 15 दिनों से छात्राओं के अचानक बीमार पड़ने की घटनाओं से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। स्कूल में पढ़ने वाली छात्राएं कभी अचानक चीखने-चिल्लाने लगती हैं तो कभी चक्कर खाकर जमीन पर गिर जाती हैं। लगातार हो रही घटनाओं से छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों में भय का माहौल बन गया है। विद्यालय में कक्षा 9वीं से 12वीं तक कुल 289 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 146 छात्राएं और 143 छात्र शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि अब तक केवल छात्राएं ही बीमार हुई हैं, जबकि छात्रों में किसी भी तरह के लक्षण सामने नहीं आए हैं। इससे मामले को लेकर रहस्य और गहरा गया है।शनिवार को स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब एक साथ कई छात्राएं बीमार पड़ गईं। कुछ छात्राएं तेज आवाज में चीखने लगीं, जबकि कुछ को चक्कर आने से जमीन पर गिरते देखा गया।

अचानक हुए इस घटनाक्रम से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंचे और बच्चों को अपने साथ घर ले गए।घटना के बाद गांव में भय के साथ-साथ अंधविश्वास भी तेजी से फैल गया। ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में कथित बुरी आत्माओं के साये की आशंका जताते हुए झाड़फूंक, पूजा-पाठ और हवन शुरू कर दिया।

गुरुवार को इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें स्कूल परिसर में झाड़फूंक करते लोग नजर आ रहे हैं और एक छात्रा जोर-जोर से चीखती दिखाई दे रही है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।बीमार पड़ी छात्राओं को तत्काल लखनादौन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी की जांच की। जांच में किसी भी छात्रा में गंभीर बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए।

चिकित्सकों के अनुसार अधिकतर छात्राओं में कमजोरी, घबराहट, चक्कर और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं सामने आई हैं।सोमवार को विकासखंड प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम स्कूल पहुंची और छात्राओं से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि भय और अफवाहों के कारण 146 छात्राओं में से एक भी छात्रा स्कूल नहीं पहुंची।

ये भी पढ़ें- Amit Shah: रीवा से शाह का बड़ा संदेश-'केमिकल छोड़ो, प्रकृति से नाता जोड़ो', बसामन मामा गोधाम बनेगा देश का मॉडल

स्कूल परिसर लगभग खाली रहा, जिससे शिक्षण कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है। स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग सतर्क ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. अशोक सहलाम ने बताया कि किशोरावस्था में छात्राओं में हीमोग्लोबिन की कमी, पोषण की कमी और हार्मोनल बदलाव के कारण इस तरह की समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही स्कूल में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर हीमोग्लोबिन और बीएमआई जांच के साथ आवश्यक परामर्श दिया जाएगा।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्याम बदन बघेल ने बताया कि कुछ छात्राओं के चक्कर खाकर गिरने की सूचना मिली थी, जिन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया है। अभिभावकों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर छात्राओं की काउंसलिंग भी कराई जाएगी।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें