चित्रकूट की जीवनरेखा मानी जाने वाली मंदाकिनी नदी एक बार फिर रौद्र रूप में है। बरसात के मौसम की यह चौथी बाढ़ है जिसने चित्रकूट क्षेत्र के लोगों की चिंता फिर बढ़ा दी है। बीते 24 घंटे से सतना जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और उत्तर प्रदेश की ओर यमुना और गंगा नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण मंदाकिनी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
ये भी पढ़ें- ग्वालियर समेत 8 जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान, अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक गिर सकता है पानी
मंदाकिनी नदी का पानी उत्तर प्रदेश के राजापुर क्षेत्र में यमुना नदी में जाकर मिलता है, लेकिन यमुना में पानी के अत्यधिक बहाव के कारण मंदाकिनी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया है। इसके चलते चित्रकूट शहर में नदी का जलस्तर स्थिर न रहकर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे घाट किनारे बनी लगभग 100 से अधिक दुकानें जलमग्न हो चुकी हैं। इसके अलावा नदी के आसपास रहने वाले स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें- सीएम मोहन यादव ने 155 करोड़ की परियोजनाओं का किया भूमिपूजन, साधा राहुल गांधी और मनमोहन सिंह पर निशाना
मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों के प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी कर दिया गया है, साथ ही राहत और बचाव कार्यों के लिए अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। चित्रकूट के घाट क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता दी जा सके। स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान होने की आशंका है, क्योंकि घाट किनारे पर्यटन सीजन के मद्देनज़र बड़ी संख्या में दुकानें और अस्थायी व्यवसाय संचालित किए जा रहे थे। वहीं, भक्तों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे घाटों के पास न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।