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सागर में बेमौसम बारिश का कहर: गढ़ाकोटा मंडी में बहा किसानों का गेहूं, सालभर की मेहनत पर फिरा पानी; दोहरी मार

Mon, 27 Apr 2026 07:33 PM IST
सागर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

मध्य प्रदेश के सागर जिले की गढ़ाकोटा तहसील में कुदरत का कहर टूट पड़ा है। पिछले तीन घंटों से जारी मूसलाधार बेमौसम बारिश ने कृषि उपज मंडी को जलमग्न कर दिया है। स्थिति इतनी भयावह है कि किसानों की साल भर की मेहनत यानी उनका गेहूं मंडी की नालियों में बहता नजर आ रहा है। वहीं, व्यापारियों के अड़ियल रवैये ने किसानों की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है।

मंडी में मची अफरा-तफरी, हजारों क्विंटल गेहूं भीगा
दोपहर से अचानक शुरू हुई तेज बारिश ने मंडी प्रबंधन के इंतजामों की पोल खोल दी। खुले प्रांगण में रखा हजारों क्विंटल गेहूं पानी में डूब गया। निकासी की सही व्यवस्था न होने के कारण मंडी परिसर में पानी भर गया, जिससे गेहूं की बोरियां तैरने लगीं। देखते ही देखते भारी मात्रा में अनाज नालियों के जरिए बह गया, जिसे देख किसानों की आंखों में आंसू आ गए।

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व्यापारियों ने अनाज लेने से किया इनकार
मंडी में मौजूद किसानों ने व्यापारियों पर शोषण का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि उनकी फसल का सौदा पहले ही हो चुका था। व्यापारी गेहूं खरीद चुके थे, लेकिन केवल वजन (तौल) होना बाकी था। अब अनाज के भीगते ही व्यापारियों ने उसे स्वीकार करने से साफ मना कर दिया है। किसानों का तर्क है कि जब सौदा हो चुका था, तो सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सामूहिक होनी चाहिए थी।

संकट में अन्नदाता: मुआवजे की मांग
मंडी में फंसे किसानों का कहना है कि वे पहले ही लागत और कर्ज की मार झेल रहे हैं, अब इस बर्बादी ने उनकी कमर तोड़ दी है। एक ओर कुदरत ने फसल छीन ली, तो दूसरी ओर खरीदारों ने मुंह मोड़ लिया। किसानों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है।

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