मध्य प्रदेश के सागर जिले से सरकारी सिस्टम की पोल खोलने वाली एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। जिले के रहली ब्लॉक अंतर्गत गुंजौरा गांव में नियमों को ताक पर रखकर सरकारी सामुदायिक भवन में एक निजी स्कूल का संचालन किया जा रहा है। हैरानी की बात तब सामने आई, जब स्कूल प्रबंधन द्वारा मासूम छात्राओं से झाड़ू लगवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
दो साल से चल रहा खेल
जानकारी के अनुसार, गुंजौरा गांव में स्थित सरकारी सामुदायिक भवन पिछले दो वर्षों से एक निजी स्कूल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। नियम स्पष्ट हैं कि किसी भी सरकारी संपत्ति का उपयोग निजी लाभ के लिए नहीं किया जा सकता, लेकिन यहां पंचायत और शिक्षा विभाग की कथित मिलीभगत से यह खेल बेखौफ जारी है।
कलम की जगह थमाई झाड़ू
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने स्कूल संचालक की दबंगई और संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। वीडियो में स्कूल की छात्राएं कक्षा और परिसर में झाड़ू लगाती नजर आ रही हैं। इस दृश्य के सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
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रिटायरमेंट का बहाना या जिम्मेदारी से पल्ला?
मामले पर जब जनपद सीईओ आर.जी. अहिरवार से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, चार दिन बाद उनका रिटायरमेंट है, इसी वजह से वे किसी भी विवादित मामले से दूरी बनाए हुए हैं। हालांकि, एक जिम्मेदार पद पर रहते हुए उनकी यह चुप्पी प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई: बीआरसी
मामले के तूल पकड़ते ही शिक्षा विभाग हरकत में आया है। बीआरसी आर.डी. अहिरवार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और यह गंभीर लापरवाही का मामला है। वे स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे और रिपोर्ट तैयार की जाएगी। नियम विरुद्ध पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।