रीवा मुख्यालय में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की भारी कमी ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को गहरे संकट में डाल दिया है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जिससे कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है। गैस आपूर्ति बाधित होने से कैंटीन, रेस्टोरेंट, चौपाटी ढाबे बंद होने लगे हैं।
गैस संकट का सीधा असर व्यापारियों की आय पर पड़ रहा है। कैंटीन रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि जहां पहले वे महीने भर में संतोषजनक कमाई कर लेते थे, वहीं अब कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। दुकान न खोलने के कारण बड़ी संख्या में काम करने वाले लोग बेरोजगार हो रहे हैं। क्योंकि गैस की कमी के चलते भोजन तैयार करना संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे ग्राहकों की संख्या में भी भारी गिरावट आई है। कई रेस्टोरेंट में यह बोर्ड चस्पा कर दिए गए हैं कि सिलिंडर की कमी के चलते कैंटीन या रेस्टोरेंट को बंद किया गया है। रीवा की चौपाटी में जहां 24 घंटे गुलजार रहती थी, वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। संचालकों का कहना है कि लॉकडाउन से भी बुरे हालात होते जा रहे हैं
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कई रेस्टोरेंट अब गैस की कीमत के चलते कोयल और धुएं के साथ किसी तरह संस्थान को संचालित कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब दूसरा कोई उपाय न होने के कारण किसी तरह रेस्टोरेंट को संचालित किया जा रहा है। इस पूरे मामले पर रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल का कहना है कि कमर्शियल और एलपीजी सिलिंडर की अब धीरे-धीरे स्थितियां सामान्य होने लगी हैं। कमर्शियल सिलिंडर के कारण शैक्षणिक संस्थाओं कैंटीन और रेस्टोरेंट में तिलक ना हो इसकी भी एक गाइडलाइन बनाई जा रही है। माना जा रहा है कि जल्दी स्थितियां सामान्य होंगी।