मऊगंज जिले के लौर थाना अंतर्गत पताई गांव में शराब दुकान के कर्मचारी पर हुए जानलेवा हमले के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। हमले में घायल हुए कर्मचारी मनोज कुमार पटेल की उपचार के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजन मंगलवार को शव के साथ थाने पहुंच गए और जमकर हंगामा किया।
इस गंभीर प्रकरण में पुलिस ने एक आरोपी नित्यानंद मिश्रा, निवासी पताई को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य तीन आरोपी विपुल गौतम, प्रवीण तिवारी और कार्तिकेय शुक्ला अभी फरार हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी ने विशेष टीम गठित कर दी है और जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
ये भी पढ़ें- बेटे ने किया खुद को किडनैप, कार के लिए चाहिए थे पैसे, पापा पहुंचे पुलिस के पास, खुल गई पोल
घटना को लेकर पुलिस पर भी सवाल उठने लगे हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ था। जांच के दौरान यह सामने आया कि लौर थाने में पदस्थ तीन आरक्षक अरुणेंद्र सिंह, देवेश चौबे और सूरज तिवारी बिना वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किए घटनास्थल पर पहुंचे थे। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए एसपी दिलीप कुमार सोनी ने इन तीनों आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक ने 29 मई को शाम 4 बजे प्रेस वार्ता में बताया कि घटना की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी चाहे जो भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस जघन्य हत्या और पुलिस की लापरवाही से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है और पुलिस तंत्र में सुधार के क्या कदम उठाए जाते हैं।