पुरानी पेंशन योजना लागू करने, ई-अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त करने सहित अध्यापक–शिक्षक संवर्ग की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ रतलाम के तत्वावधान में रविवार को बड़ी संख्या में जिले के शिक्षक सड़कों पर उतरे। शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो 12 अप्रैल 2027 को भोपाल में जंगी प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला स्तरीय रैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम के तहत रविवार दोपहर करीब 12 बजे बड़ी संख्या में शिक्षक गुलाब चक्कर परिसर में एकत्र हुए, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। संघ के पदाधिकारियों ने सभा को संबोधित करते हुए शिक्षकों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से जानकारी दी।
दोपहर करीब 2.30 बजे संघ के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश शुक्ला एवं जिलाध्यक्ष सुनील गोंड के नेतृत्व में गुलाब चक्कर से दोपहिया वाहन रैली निकाली गई। शिक्षक कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपने वाले थे, लेकिन रविवार का अवकाश होने के कारण रैली कलेक्टर कार्यालय नहीं ले जाई गई। रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः गुलाब चक्कर परिसर पहुंची, जहां शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
कुछ देर बाद नायब तहसीलदार रामचंद पांडे मौके पर पहुंचे, जिन्हें संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर संभागीय अध्यक्ष प्रकाश शुक्ला ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन शासन द्वारा अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशभर के शिक्षक 12 अप्रैल 2027 को भोपाल में एकजुट होकर जंगी प्रदर्शन करेंगे।
ज्ञापन में अध्यापक–शिक्षक संवर्ग को क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान की तर्ज पर प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना करते हुए पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अवकाश नकदीकरण का लाभ देने, केंद्रीय कर्मचारियों की भांति 1 जनवरी 2026 से आठवां वेतनमान लागू करने, मध्यप्रदेश के सभी एनपीएस कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की गई है।
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इसके अलावा पूर्व वर्षों में दिवंगत हुए अध्यापक–शिक्षक संवर्ग के आश्रितों को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति, प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता, जनजातीय कार्य विभाग में कार्यरत शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग में मर्ज करने, तीन संतान वाले शिक्षकों को प्रशासनिक कार्रवाई से मुक्त रखने, रिक्त पदों के 50 प्रतिशत पर पदोन्नति, कैशलेस मेडिकल क्लेम सुविधा, प्रतिनियुक्त शिक्षकों को उसी विभाग में मर्ज कर क्रमोन्नति एवं पदोन्नति का लाभ देने तथा अतिथि शिक्षकों को नियमित कर नियमित शिक्षकों के समान अवकाश, चिकित्सा एवं बीमा सुविधा देने जैसी मांगें भी शामिल हैं।