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Ratlam News: स्कूल से निकालने की धमकी से प्रताड़ित होकर तीसरी मंजिल से कूदा था छात्र, प्राचार्य पर केस दर्ज

Sun, 30 Nov 2025 05:35 PM IST
रतलाम ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम

कक्षा आठवीं के छात्र द्वारा डोंगरे नगर स्थित बोधि इंटरनेशनल स्कूल की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किए जाने के मामले में औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने स्कूल की प्राचार्य डॉली चौहान के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। छात्र ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि मोबाइल फोन स्कूल लाने की बात पर प्राचार्य ने उसे स्कूल से निकालने और करियर खत्म करने की धमकी दी थी। इसी प्रताड़ना से भयभीत होकर वह तीसरी मंजिल से कूद गया।

इस घटना को लेकर आदिवासी छात्र संगठनों ने प्राचार्य और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई तथा स्कूल की मान्यता निरस्त करने की मांग की। शनिवार दोपहर स्कूल के बाहर धरना देने के बाद रात में प्राचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 2025 को कक्षा आठ का लगभग 13 वर्षीय छात्र मोबाइल फोन स्कूल लेकर आया था और कक्षा का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर रील पोस्ट की थी। यह जानकारी सामने आने पर 28 नवंबर की सुबह उसे प्राचार्य ने कार्यालय में बुलाया। छात्र ने कान पकड़कर माफी मांगी और आगे से मोबाइल नहीं लाने की बात कही, फिर भी उसे लगातार फटकार लगाया गया। इसी दौरान वह कक्ष से बाहर निकलकर दौड़ा और तीसरी मंजिल से नीचे कूद गया। उसके दोनों पैर, हाथ, कंधा, जबड़ा और कमर में गंभीर चोटें आईं। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कर प्राथमिक उपचार के बाद 29 नवंबर की सुबह अहमदाबाद रेफर किया गया। पुलिस ने अस्पताल में छात्र और उसके पिता के बयान दर्ज किए।

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छात्र ने दिया बयान
छात्र के अनुसार प्राचार्य ने उसे स्कूल से निकालने, रस्टीगेट करने, खेल प्रतियोगिताओं में मिले पुरस्कार वापस लेने, करियर खत्म कर जीवन समाप्त कर देने जैसी बातें कहीं थीं तथा गाली-गलौज करते हुए अपमानित किया था। इसके चलते वह डर गया और प्रताड़ित महसूस कर इमारत से कूदने को मजबूर हुआ। थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी के अनुसार प्राचार्य डॉली चौहान के विरुद्ध बीएनएस की धारा 296, 351(2) तथा किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

स्कूल का घेराव और प्रदर्शन
29 नवंबर दोपहर करीब 12 बजे आदिवासी छात्र संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और परिजन स्कूल पहुंचे और प्राचार्य व शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर स्कूल गेट के सामने धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि छात्र द्वारा माफी मांगने के बाद भी उसे लगातार प्रताड़ित किया गया, जिससे उसने डरकर गलत कदम उठा लिया। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल गेट पर ताला लगाने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें समझाया।

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तीन घंटे चला आंदोलन
आंदोलन के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति के अध्यक्ष केशु निनामा ने जिला शिक्षा अधिकारी को बुलाने की मांग की, जिस पर उनकी अधिकारियों से बहस भी हुई। लगभग एक घंटे बाद जिला शिक्षा अधिकारी अनीता सागर मौके पर पहुंचीं। प्रदर्शनकारियों ने प्राचार्य पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने और स्कूल की मान्यता निरस्त करने की मांग रखी। उनका कहना था कि सीसीटीवी फुटेज में छात्र को प्राचार्य और शिक्षक द्वारा डराते हुए देखा जा सकता है। पुलिस और प्रशासन द्वारा एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन देने के बाद दोपहर करीब तीन बजे आंदोलन समाप्त किया गया।

पुनः प्रदर्शन की चेतावनी
सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने कहा कि पूरा मामला प्रशासन के संज्ञान में है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पुलिस को वैधानिक कार्रवाई के लिए विभाग की ओर से पत्र भेजा जा चुका है तथा जांच समिति गठित कर दी गई है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा ने चेतावनी दी थी कि यदि प्राचार्य को नहीं हटाया गया और एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो सोमवार को कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

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