खिलचीपुर नाके पर लगा केसरिया ध्वज आज जिला प्रशासन ने उतरवा लिया और उसकी जगह तिरंगा फहरा दिया गया। ये सब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के अल्टीमेटम के बाद हुआ। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रविवार को मीडिया को संबोधित करते हुए राजगढ़ जिला प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि यदि भारत माता की प्रतिमा के पास तिरंगा ध्वज लगाने वाले स्थान पर लगा केसरिया झंडा राजगढ़ जिला प्रशासन द्वारा नहीं हटाया गया तो कांग्रेस 24 दिसम्बर को वह ध्वज हटाएगी।
बता दें राजगढ़ जिला मुख्यालय स्थित खिलचीपुर नाके को तिरंगा चौराहे के नाम से जाना जाता है, जिस पर राजगढ़ से भाजपा विधायक अमर सिंह यादव द्वारा 3 दिसम्बर को बांग्लादेश के विरोध में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के दौरान भगवा ध्वज फहरा दिया गया था। इसके वीडियो भी जमकर वायरल हुए थे।
गौरतलब है कि तीन दिसम्बर से लेकर 22 दिसम्बर की दोपहर तक उक्त स्थान पर तिरंगा ध्वज की जगह भगवा ध्वज लहराता रहा, लेकिन 22 दिसम्बर को जब मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह राजगढ़ आए और उन्होंने राजगढ़ जिला प्रशासन को ये चेतावनी दी थी कि यदि 24 तारीख से पहले भगवा ध्वज उतारकर तिरंगा नहीं लगाया जाएगा तो वहां हम तिरंगा लगाएंगे। दिग्विजय सिंह के इस अल्टीमेटम के पश्चात राजगढ़ जिला प्रशासन के बीच हड़कंप मचा और लगभग 15 दिनों से अधिक समय तक लहरा रहा भगवा 22 दिसम्बर की देर शाम को उतार लिया गया और गॉड ऑफ ऑनर के साथ तिरंगा ध्वज वापस उक्त स्थान पर लगा दिया गया।