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MP News: राजगढ़ में दफ्तरों के चक्कर लगा रहा ये सरपंच, जिसे दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने पहनाए थे जूते

Tue, 26 Nov 2024 10:11 PM IST
राजगढ़ ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़

राजगढ़ जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय में मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में कलेक्टर के पास शिकायती आवेदन लेकर पहुंचे लिम्बोदा ग्राम पंचायत के सरपंच दुर्गालाल किरार का आरोप है कि उनकी ग्राम पंचायत का रोजगार सहायक मनमानी करता है। उसने ग्राम पंचायत के खाते से ग्रामीणों के मास्टर का इस्तेमाल करते हुए राशि का भी आहरण कर लिया है, जिसके बारे में मुझे ही जानकारी नहीं है। मेरे द्वारा उसकी शिकायत अधिकारियों से करने पर लगातार आश्वासन ही मिल रहा है। संबंधित व्यक्ति के फर्जीवाड़े की न तो जांच की जाती है और न ही कोई कार्रवाई। हमेशा आश्वासन ही मिलता है, जो आज भी मिला है।

आपको बता दें कि दुर्गालाल किरार वह शख्स है, जिसे वर्ष 2018 ने मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जूते पहनाए थे। क्योंकि उनके द्वारा दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री रहते हुए सरकार के चले जाने पर अपने पैरों से जूते त्याग दिए थे और वर्ष 2018 में जब कांग्रेस की सरकार बनी और कमलनाथ मुख्यमंत्री बने, तब उन्हें दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने जूते पहनाए थे, जिसके फोटो वीडियो कमलनाथ ने अपने वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट्स पर भी शेयर करते हुए लिखा था कि उनके निवास पर राजगढ़ के कार्यकर्ता श्री दुर्गालाल किरार से मिलकर उन्हें जूते पहनाएं। उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बनेगी, तब तक जूता नहीं पहनेंगे। ऐसे कार्यकर्ताओं को सलाम है, जो पूरी निष्ठा से कांग्रेस के लिए दिन रात मेहनत करते हैं।

हालांकि, कांग्रेस की सरकार 15 महीने तक ही टिक पाई, जिसे भाजपा ने अपने कब्जे में ले लिया। कांग्रेस की सरकार तो सत्ता से दूर हो गई, लेकिन वर्ष 2022 में हुए पंचायत चुनाव में दुर्गालाल किरार लिम्बोदा ग्राम पंचायत के सरपंच बन गए। लेकिन अब उनका आरोप है कि पिछले कई वर्षों से एक ही जगह जमा हुआ उनकी ग्राम पंचायत का सहायक सचिव लगातार फर्जीवाड़ा कर रहा है और ग्राम पंचायत के गरीब लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है, जिसकी शिकायत वे लगातार करते हुए आ रहे हैं। लेकिन संबंधित पर न तो जांच बैठती है और न ही कार्रवाई करते हुए उसे ग्राम पंचायत से हटाया जाता है। मेरी मांग है कि उसे ग्राम पंचायत से हटाकर अन्य जगह पदस्थ किया जाए।

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