मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले से लापरवाही का एक अजीबो गरीब मामला निकलकर सामने आया है, जहां स्कूल से लगभग 12 वर्षों से बगैर कोई सूचना दिए गायब हुए शिक्षक को न तो नौकरी से बर्खास्त किया गया और न ही उनका नाम पोर्टल से हटाया गया, लेकिन जब यह मामला मीडिया में छाया तो शिक्षा विभाग चेता और संबंधित शिक्षक के संबंध में नोटिस जारी करते हुए दस्तावेज तलब किए गए है।
जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला नरसिंहगढ़ विकासखंड के छपरीकला प्राथमिक विद्यालय का है, जहां पदस्थ प्राथमिक शिक्षक जगन्नाथ तिगरवाल लगभग 12 वर्षों से बगैर कोई सूचना दिए हुए गायब है, जिन्हें न तो पूर्व में नोटिस जारी किया गया और न ही उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया गया। लेकिन जाब यह पूरा मामला मीडिया की सुर्खिया बन तो संबंधित शिक्षक के संबंध में स्कूल को नोटिस जारी करते हुए दस्तावेज तलब किए गए है।
स्कूल में पदस्थ एक मात्र शिक्षक हिम्मत सिंह मीणा ने बताया कि स्कूल में उनके अलावा दो शिक्षक और पदस्थ थे। एक शिक्षक का लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व ही दूसरी जगह स्थानांतरण हुआ है, लेकिन इस स्कूल में लगभग 12 वर्षों से एक शिक्षक जगन्नाथ तिगरवाल कभी स्कूल नहीं आए, जिसकी जानकारी कई बार हमारे द्वारा शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखित और मौखिक भी दे दी गई, लेकिन कोई सुध नहीं ली गई। मैं विद्यालय में अकेला ही हूं और बच्चों को संभाल रहा हूं। ऑफिशियल कार्य से कहीं आना जाना होता है तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, ऐसे में संबंधित शिक्षक का नाम भी पोर्टल से नहीं हटाया गया, जिस कारण हम अतिथि शिक्षक की भर्ती करने में भी असमर्थ है।