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MP: स्वास्थ्य विभाग की म्यूजिकल चेयर, सीएमएचओ की कुर्सी पर उलझे दो डॉक्टर, स्टाफ परेशान- किसे कहें बॉस?

Wed, 06 May 2026 12:52 PM IST
रायसेन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन

रायसेन जिले के स्वास्थ्य महकमे में इन दिनों सबसे बड़ी कुर्सी को लेकर अजीब स्थिति बनी हुई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) के एक ही पद पर दो वरिष्ठ डॉक्टर अपना दावा जता रहे हैं, जिससे पूरे विभाग में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। कई महीनों से चल रहा यह विवाद मंगलवार को उस समय और बढ़ गया, जब कमिश्नर के निर्देश पर डॉ. एचएन मांडरे कार्यभार संभालने सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे, लेकिन चैंबर पर ताला लटका मिला।

मंगलवार को डॉ. एचएन मांडरे सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। सीएमएचओ का चैंबर बंद था और उस पर ताला लगा हुआ था। बताया गया कि उस समय पूर्व से पदस्थ डॉ. दिनेश खत्री कलेक्ट्रेट में आयोजित एक बैठक में शामिल थे।

स्टाफ में असमंजस, किसे मानें ‘साहब’?

एक ही पद के लिए दो अधिकारियों के आमने-सामने आने से कार्यालय के कर्मचारियों में भी भ्रम की स्थिति बन गई है। स्टाफ समझ नहीं पा रहा है कि किसे ‘साहब’ माना जाए और किसके आदेशों का पालन किया जाए। इससे कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।

जून 2025 से शुरू हुआ विवाद

इस पूरे विवाद की शुरुआत जून 2025 में हुई थी, जब रायसेन के तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. दिनेश खत्री का तबादला राजगढ़ कर दिया गया था और उनकी जगह डॉ. एचएन मांडरे को नया सीएमएचओ बनाया गया था।
मामला तब और उलझ गया, जब जनवरी 2026 में शासन ने दोबारा डॉ. दिनेश खत्री को रायसेन का सीएमएचओ बनाकर भेज दिया। इससे दोनों के बीच पद को लेकर विवाद बढ़ गया।

हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला

डॉ. खत्री की दोबारा पदस्थापना से नाराज डॉ. मांडरे ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट से स्टे मिलने के बाद डॉ. मांडरे ने फिर से सीएमएचओ का पद संभाल लिया। इसके बाद मार्च 2026 में कोर्ट ने डॉ. दिनेश खत्री के पक्ष में फैसला सुनाया। तब से डॉ. खत्री सीएमएचओ का कार्यभार संभाल रहे हैं और नियमित रूप से कार्यालय में काम कर रहे हैं।

कमिश्नर के निर्देश से बढ़ा नया विवाद

ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब डॉ. एचएन मांडरे का कहना है कि कमिश्नर के निर्देश पर वे मंगलवार को कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि आदेश के बाद उन्हें पद मिल जाएगा, लेकिन चैंबर पर ताला देखकर उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। सूत्रों के मुताबिक, डॉ. खत्री के पास भी कोर्ट का आदेश है, जिसके आधार पर वे पद पर बने हुए हैं।

यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में इस महीने हट सकती है तबादलों पर रोक, प्रभारी मंत्रियों को मिल सकते हैं अधिकार

कामकाज प्रभावित, फाइलें अटकीं

एक ही पद पर दो अधिकारियों की दावेदारी से सबसे ज्यादा परेशानी कार्यालय के कर्मचारियों को हो रही है। फाइल किसके पास जाए, किसके हस्ताक्षर मान्य हों, इसे लेकर भ्रम बना हुआ है। कई जरूरी काम भी अटक गए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और मॉनिटरिंग पर असर पड़ने की आशंका है।

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