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Omkareshwar News: ममलेश्वर लोक निर्माण विवाद सुलझा, मुख्यमंत्री ने बदला स्थान

ओंकारेश्वर तीर्थ नगरी में कई दिनों से चल रहे ममलेश्वर लोक निर्माण विवाद का आखिरकार समाधान हो गया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थानीय नागरिकों, संत समाज और जनप्रतिनिधियों की मांग स्वीकार करते हुए ममलेश्वर लोक का स्थान बदलने की घोषणा कर दी। इस फैसले के साथ लगातार चल रहा आंदोलन समाप्त हुआ और पूरे शहर ने नर्मदा तट पर भव्य महाआरती के साथ इस ऐतिहासिक क्षण का उत्सव मनाया।
निर्णय की घोषणा होते ही नर्मदा घाट पर हजारों लोग जुट गए। सात दर्शन संत मंडल के अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी जी महाराज, खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और मांधाता विधायक नारायण पटेल ने मां नर्मदा की महाआरती में भाग लिया। वैदिक विधि से नर्मदा जल पूजन, दूध अभिषेक, 501 नारियलों का जल में प्रवाह, चुनरी अर्पण, दीपदान और महाप्रसाद वितरण के साथ पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। नगर परिषद अध्यक्ष मनीष परिहार, नगर भाजपा अध्यक्ष संतोष वर्मा सहित बड़ी संख्या में महिला–पुरुष इस ऐतिहासिक दृश्य के साक्षी बने।
आरती के दौरान सांसद पाटिल, विधायक नारायण पटेल और महंत मंगलदास त्यागी जी महाराज का शाल और श्रीफल से सम्मान किया गया। लोगों ने इस निर्णय पर राहत जताते हुए जनप्रतिनिधियों का धन्यवाद किया। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए ममलेश्वर लोक का विकास करना चाहते थे, लेकिन स्थानीय जनता की चिंताओं को भी पूर्ण महत्व दिया गया। लगातार हो रहे विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जनभावना के अनुरूप वर्तमान स्थल पर निर्माण रोकने का निर्णय लिया है। अब संत समाज, नागरिकों और प्रशासन की सहमति से परियोजना के लिए नया उपयुक्त स्थान तय किया जाएगा।
मांधाता विधायक नारायण पटेल ने बताया कि वे कई दिनों से लगातार मुख्यमंत्री से संपर्क में थे। ब्रह्मपुरी क्षेत्र के लोगों पर बड़े पैमाने पर पड़ रहे प्रभाव और श्रद्धालुओं को हो रही असुविधा को देखते हुए उन्होंने पूरा मामला विस्तार से मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इसके बाद ही स्थान परिवर्तन पर सहमति बन पाई और लिखित आदेश जारी किया गया। नगरवासियों ने माना कि विधायक पटेल की सक्रिय भूमिका से विवाद के समाधान का मार्ग जल्दी साफ हुआ।
मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद दो दिनों से जारी स्वैच्छिक बंद खत्म हो गया। नागरिकों और संत समाज ने राहत की सांस ली और आंदोलनकारियों ने एक-दूसरे को बधाई दी। नर्मदा तट पर उत्सव जैसा माहौल बन गया। सभी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और विधायक नारायण पटेल का आभार जताते हुए कहा कि संवाद और समझदारी से बड़ा संकट टल गया और मां नर्मदा की कृपा से समाधान मिला।
सरकार सिंहस्थ 2028 में संभावित लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ममलेश्वर लोक के विकास की योजना बना रही है। लेकिन ब्रह्मपुरी क्षेत्र में भारी विरोध और संभावित नुकसान को ध्यान में रखते हुए अब यह परियोजना किसी नए स्थान पर विकसित की जाएगी। इसी संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा खंडवा डिप्टी कलेक्टर काशीराम बडोले और तहसीलदार उदय मंडलोई को लिखित निर्देश भेजे गए, जिसके बाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया।

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