इंदौर के एक स्कूल के कार्यक्रम में नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण पर बात करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक ऐसा उदाहरण दिया, जिसकी चर्चा राजनीतिक हलकों में होने लगी है। वे बच्चों के चरित्र निर्माण को लेकर बात कर रहे थे और उन्होंने कहा कितनी भी शिक्षा नीति बना लो, लेकिन घर के अंदर वातावरण ऐसा है कि यदि पिता पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर हो और कपड़े दिलाने ठेकेदार ले जाए तो फिर कैसा चरित्र निर्माण होगा।'