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MP News : 1000 मुकदमों में सिर्फ 6 चेहरे, गवाहों ने खुद खोल दी पुलिस की पोल-पट्टी

कानून की किताब कहती है कि गवाह निष्पक्ष और स्वतंत्र होना चाहिए, लेकिन मऊगंज जिले के नईगढ़ी और लौर थाने में कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहाँ पुलिस के पास ऐसे सुपर गवाह हैं, जो एक ही दिन में 7-7 मुकदमों के चश्मदीद बन जाते हैं। आबकारी से लेकर NDPS तक, हर मामले में वही चेहरा। चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी कथित गवाह पुलिस थाने से जुड़े काम करते थे। इनमें थाना प्रभारी का ड्राइवर, रसोइया और अन्य करीबी लोग शामिल थे, जिन्हें सैकड़ों मामलों में सरकारी गवाह बना दिया गया, जबकि उन्हें खुद नहीं पता था कि वे किस केस में गवाही दे रहे हैं। मऊगंज पुलिस की ये कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। यहाँ अमित कुशवाहा नाम का एक शख्स पुलिस का ऐसा मुरीद है कि वो 500 से अधिक मुकदमों में गवाही दे चुका है। पुलिस ने RTI के जवाब में लिखित दावा किया कि अमित कुशवाहा उनका वाहन चालक नहीं है। लेकिन मीडिया के कैमरे ने इस झूठ की कलई खोल दी। कैमरे में अमित कुशवाहा को नईगढ़ी थाने की सरकारी गाड़ी चलाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इस पूरे खेल के केंद्र में नईगढ़ी थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर का नाम सबसे ऊपर रहा है। क्योंकि इनके कार्यकाल में गवाहों का ये सिंडिकेट सबसे ज्यादा फला-फूला है। समाजसेवी कुंजबिहारी तिवारी ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, से लेकर पुलिस के आला अधिकारियों से की थी। हालांकि मामला सामने आने के बाद जगदीश ठाकुर को नईगढ़ी थाने से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है, और पूरे मामले की पुलिस जांच कर रही है.. 

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